Farrukhabad News : अघोषित कटौती से सूख रही फसल, किसान हो रहा बेहाल, एक फीडर की छह माह से खराब पड़ी ट्राली

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फर्रुखाबाद में अघोषित कटौती से सूख रही फसल।

फर्रुखाबाद में अघोषित कटौती से सूख रही फसल। जिससे किसान बेहाल हो रहे। एक फीडर की छह माह से ट्राली खराब पड़ी। नलकूप की लाइन को दस घंटे की बजाए, पांच घंटे बिजली मिल रही।

फर्रुखाबाद, अमृत विचार। बिजली की अघोषित कटौती ने किसानों को बेहाल कर दिया है। खेतों में खड़ी मक्का की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है। शासन की मंशा के अनुसार नलकूप चलाने के लिए दिन में दस घंटे बिजली देने का आदेश है, लेकिन नलकूप फीडर की लाइनों को दिन में चार से पांच घंटे बिजली मिल रही है। इसमें लोकल फाल्ट अधिक होने से बिजली गुल रहती है। इस कारण नलकूप न चलने के कारण फसल में पानी नहीं लगा पा रहा है। फसल बर्बाद होती देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे पड़ने लगी है।

गांव में रहने वाले लोगों के घरों और नलकूप संचालने के लिए जिले में हर गांव में अलग-अलग बिजली की लाइन कर दी गई है। शासन ने नलकूप की लाइन को सुबह सात से शाम पांच बजे तक निर्बाध बिजली देने का आदेश दिया है। ताकि किसान नलकूप चलाकर अपनी फसल में पानी लगा सके। किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो। जहानगंज उपकेंद्र के जहानगंज फीडर की एक मशीन की ट्राली करीब छह माह पूर्व खराब हो गई थी। विभागीय अफसरों ने उसको ठीक नहीं कराया।

जहानगंज फीडर के ग्रामीण व नलकूप की लाइन ताजपुर फीडर से जोड़कर चालू कर दी। ओवर लोड होने के कारण लोकल फाल्ट अधिक आने लगे। इससे ताजपुर फीडर बार-बार बंद हो जाता है। नलकूप चलाने के लिए ग्रामीणों को दिन में दस घंटे की बजाए चार से पांच घंटे बिजली दी जा रही है। इसमें भी लोड अधिक होने के कारण लोकल फाल्ट से बिजली बीच-बीच में गुल हो जाती है। जिस कारण नलकूप न चलने से मक्का की फसल में किसान पानी नहीं लगा पा रहा है। मक्का की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है।

ग्रामीणों ने एसडीओ और जेई से इस समस्या का समाधान किए जाने की मांग उठाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसान भूपेंद्र, राजेश, दिलीप, अमर पाल, राकेश, समरपाल, गोवर्धन का कहना है कि इस समय मक्का की फसल है। इसमें पानी अधिक लगता है। दस घंटे लगातार बिजली मिले तो नलकूप आराम से चलते रहते हैं। बार-बार कटौती होने से नलकूप नहीं चल पाते। क्षेत्र के सभी नलकूप बिजली आते चालू हो जाते हैं।

जिस कारण लोड अधिक होने से लोकल फाल्ट से तार टूट कर गिरते हैं। इससे हादसा होने का भी डर रहता है। विभागीय अफसरों से कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई भी इस समस्या का समाधान नहीं करा रहा है। अफसरों की अनदेखी के कारण मक्का की फसल सूखने लगी है। 

दिन में घरों की बिजली रहती गुल, शाम को आती, रात में कट जाती

जहानगंज कसबा व ग्रामीण क्षेत्र में घरों में बिजली देने की अलग लाइन बनी हुई हैं। दिन में उपकेंद्र से नलकूप फीडर को जब बिजली दी जाती है तो गांव की बिजली बंद कर दी जाती है। दिन भर गांव की बिजली बंद रहती है। शाम सात बजे बिजली आती है। रात में एक-एक घंटा कर दो से तीन बार कटौती की जाती है। सुबह पांच बजे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली बंद कर दी जाती है। इससे शासन की मंशा के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों को 17 घंटे की बजाए छह से सात घंटे बिजली मिल रही है। 

 

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