Chitrakoot: पुरानी कोतवाली परिसर में चला बुलडोजर, जमींदोज हुए आशियाने, SDM की अगुवाई में हुई अतिक्रमणरोधी कार्रवाई

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चित्रकूट में पुरानी कोतवाली परिसर में बुलडोजर चला।

चित्रकूट में पुरानी कोतवाली परिसर में बुलडोजर चला। बुलडोजर चलने से आशियाने जमींदोज हो गए। एसडीएम की अगुवाई में अतिक्रमणरोधी कार्रवाई हुई।

चित्रकूट, अमृत विचार। आखिरकार प्रशासन ने पुरानी कोतवाली परिसर में बुलडोजर चलवाकर कथित अवैध रूप से बनाए गए घरों को जमींदोज करने का अभियान शुरू कर दिया। रविवार को जब दो बुलडोजरों के साथ एसडीएम की अगुवाई में प्रशासनिक और पुलिस अमला वहां पहुंचा तो वहां रहने वाले लोग सकते में आ गए।

गौरतलब है कि लंबे समय से पुरानी कोतवाली परिसर में रहने वाले लोगों के ऊपर अतिक्रमणरोधी अभियान की तलवार लटक रही थी। रविवार को एसडीएम राजबहादुर, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी लालजी यादव के साथ अधिकारी, पुलिसकर्मी और पालिकाकर्मी वहां पहुंचे तो हड़कंप मच गया। अमले के साथ दो बुलडोजर देख कुछ लोगों ने तो अपना सामान हटाना भी शुरू कर दिया।

एसडीएम ने बताया कि यह नजूल की जमीन है। यहां 35-36 लोग सालों से अवैध कब्जा किए हैं। शासनादेश है कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। बताया कि इस संबंध में इन लोगों को छह महीने पहले इस संबंध में नोटिस दे दी गई थी पर इसे नजरंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसमें अमानवीयता जैसी कोई बात नहीं। इन सभी को पर्याप्त समय दिया गया और तब यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की गई है।

पेशवाकालीन है यह कोतवाली

गौरतलब है कि पुरानी कोतवाली पेशवाकालीन है और इसे तत्कालीन राजा विनायक राव पेशवा का महल बताया जाता है। कर्वी में उस काल की गणेश बाग, जिसे मिनी खजुराहो कहा जाता है, कोठी तालाब आदि धरोहरें हैं। एसडीएम ने बताया कि इस प्राचीन भवन को पुरातत्व विभाग के संरक्षण में दिए जाने का प्रस्ताव भी है।     
 

महिला थाने का भी सामान खाली कराया गया

पुरानी कोतवाली परिसर में ही महिला थाना संचालित होता रहा है। रविवार को अतिक्रमणरोधी अभियान के दौरान इसे भी खाली कराया गया। परिसर में ही स्थित एक भवन में अस्थायी महिला थाना संचालित किए जाने की मांग एसडीएम ने ठुकरा दी। कोतवाली प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने बताया कि अब कालूपुर में महिला थाने का नया भवन होगा

असुरक्षित भी है यह जगह- सीओ

अतिक्रमणरोधी अभियान के दौरान सीओ सदर हर्ष पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभियान को पूरी तरह सही बताया और कहा कि यह पूरी जगह अनसेफ है। पुराने भवन कभी भी ढह सकते हैं। पुरानी बिल्डिंग गिरने से कई जगहों पर हादसे हुए हैं। ऐसे में इनको खाली कराना ही सही है। 

परिसर में है एक मंदिर

पुरानी कोतवाली परिसर में हनुमानजी का मंदिर भी है। अतिक्रमणरोधी अभियान के दौरान इसकी एक दीवार की कुछ ईंटें निकल गईं। हालांकि इस मंदिर के संबंध में अधिकारियों ने कोई स्पष्ट बात नहीं बताई।

ट्रैक्टर की व्यवस्था कराई

ईओ लालजी यादव ने बताया कि लोगों की सहूलियत का प्रशासन ने पूरा ध्यान रखा है। नगर पालिका की ओर से घरवालों को अपना सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर भी उपलब्ध कराया गया है।

बिजली और पानी का बिल दे रहे

यहां रहने वाले एक युवक शहंशाह ने बताया कि वे लोग नियमित रूप से बिजली और पानी का बिल भी दे रहे हैं। घरों में बाकायदा मीटर लगे हैं और नल का कनेक्शन भी है। हालांकि इन लोगों ने किसी भी तरह के हाउस टैक्स देने की बात से इंकार किया।

रजिस्ट्री आफिस पर भी आएगी आंच

गौरतलब है कि लगभग 13 हजार वर्ग मीटर के इस क्षेत्र में रजिस्ट्री आफिस भी संचालित है। जब ईओ से इसके भविष्य के संबंध में पूछा गया तो उनका जवाब था, देखते जाइए। शनैः-शनैः सब होगा।

पुलिसकर्मियों के घरों पर भी चला बुलडोजर

प्रशासन की पूरी कार्रवाई पर हालांकि किसी तरह के पक्षपात का आरोप नहीं लगाया जा सकता। जहां लोगों के घरों को जमींदोज किया गया तो वहीं वहां रह रहे कई पुलिसकर्मियों के आशियानों पर भी बुलडोजर चला। महिला थाने को भी खाली कराया गया।

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