Farrukhabad News : जेल में बंद बसपा नेता अनुपम दुबे व उनके साथियों की 70.09 करोड़ की संपत्ति कुर्क
मैनपुरी जेल में बंद अनुपम दुबे की 70.09 करोड़ की संपत्ति कुर्क।
मैनपुरी जेल में बंद अनुपम दुबे व उनके साथियों की 70.09 करोड़ की संपत्ति कुर्क। तहसीलदार सदर को संपत्ति का कंट्रोलर बनाया गया है। इसकी मुनादी बुधवार को कराई गई।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। अपराध जगत में सक्रिय रहकर बसपा नेता ने अपने परिचितों व सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी अभिलेखों से ट्रस्ट की जमीन कब्जाने का मामला जांच में सामने आया। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने पुलिस की रिपोर्ट पर गैंगस्टर के मुकदमे में सुनवाई के बाद बसपा नेता और उनके सहयोगियों की 70 करोड़ 9 लाख 60 हजार की संपत्ति कुर्क कर ली है।
तहसीलदार सदर को संपत्ति का कंट्रोलर बनाया है। तहसीलदार ने डुग डुगी पिटवा कर मुनादी कराने के बाद जमीन की नाप कराई। कई लोग इस जमीन पर प्लाट खरीद कर मकान भी बनवा चुके हैं। बसपा नेता इस समय फिरोजाबाद जेल में बंद हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता अनुपम दुबे, उनके भाई अनुराग दुबे समेत अन्य लोगों पर फतेहगढ़ कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसकी जांच मऊदरवाजा थानाध्यक्ष कर रहे हैं। बसपा नेता अनुपम दुबे पर हत्या समेत कई मुकदमे चल रहे हैं। वह इस समय फिरोजबाद जेल में बंद हैं। इससे पहले वह मैनपुरी जेल में रहे। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव अर्राहपहाड़पुर में ट्रस्ट संपत्ति वक्फ श्रीहनुमान जी महाराज विराजमान मंदिर का बाग नंबर 436 हैं।
इस संपत्ति को वर्ष 2012 में ट्रस्टी के मरने के बाद बसपा नेता अनुपम दुबे, कन्नौज के थाना छिबरामऊ के निगोह निवासी रमेश चंद्र गुप्ता, अभिषेक, रंधीपुर निवासी अनुराग समेत अन्य लोगों ने फर्जी अभिलेख तैयार कराकर तहसील कर्मियों से मिलकर अपने नाम जमीन करा ली थी। इन लोगों ने अंडियाना निवासी संजीव गुप्ता, राजेपुर राठौर निवासी संजीव कुमार व अन्य लोगों से इकरारनामा कर लिया था।
इसी प्रकार अन्य लोगों से भी जमीन बेचने के लिए इकरार नामा किया था। पुलिस ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। जिलाधिकारी ने गैंगस्टर के मुकदमे में सुनवाई के बाद बसपा नेता अनुपम दुबे व उनके सहयोगियों द्वारा ट्रस्ट की कब्जाई जमीन को कुर्क कर लिया। आदेश में कहा कि अपराध जगत में सक्रिय रहकर परिचित, सहयोगियों के नाम अवैध व अनैतिक रूप से ट्रस्ट की जमीन कब्जा की गई। जमीन को बेचा भी गया है। इस जमीन की कीमत वर्तमान में 70 करोड़ 9 लाख 60 हजार रुपये हैं। तहसीलदार श्रद्धा पांडेय को जमीन का कंट्रोल बनाया है।
बुधवार को तहसीलदार श्रद्धा पांडेय पुलिस फोर्स और तहसील व नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ अर्राहपहाड़पुर पहुंची। उन्होंने डुगडुगी पिटवा कर मुनादी कराई। ट्रस्ट की जमीन की नाम कराने कके बाद उसको कब्जे में लिया। तहसीलदार श्रद्धा पांडेय ने बताया कि जमीन को कब्जे में कर लिया गया है। कुर्क की गई संपत्ति पर डीएम ने उनको प्रशासक नियुक्त किया है।
बसपा नेता के होटल चल रहा सील
बसपा नेता अनुपम दुबे का ठंडी सड़क पर होटल है। उसको भी गैंगस्टर के मुकदमे में सील कर दिया गया था। तहसीलदार सदर श्रद्धा पांडेय उसकी भी प्रशासक है। जमीन पर अवैध कब्जा कर बनवाए गए होटल को गिराने का आदेश सिटी मजिस्ट्रेट जारी कर चुकी है। उस आदेश के खिलाफ डीएम के यहां भी सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब डीएम के निर्णय आना बाकी है।
