बरेली: मुख्य परीक्षा में प्रश्नों की संख्या कम करने की गाइडलाइन जारी

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बरेली,अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष की मुख्य और प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षा 2 घंटे की होगी। इसमें पुराने प्रश्नपत्र उपयोग होंगे, जो तीन घंटे के आधार पर बने हैं। परीक्षा विभाग ने दो दो घंटे की परीक्षा की स्थिति में पुराने प्रश्नपत्रों से प्रश्नों की संख्या …

बरेली,अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष की मुख्य और प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षा 2 घंटे की होगी। इसमें पुराने प्रश्नपत्र उपयोग होंगे, जो तीन घंटे के आधार पर बने हैं। परीक्षा विभाग ने दो दो घंटे की परीक्षा की स्थिति में पुराने प्रश्नपत्रों से प्रश्नों की संख्या कम की है। गुरुवार को इसकी गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसमें स्नातक, परास्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रश्नपत्रों से संख्या के आधार पर प्रश्न कम किए गए हैं।

बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, एलएलबी, बीपीएड, बीएलएड, एलएलए, बीएससी-बीकॉम ऑनर्स समेत सभी पाठ्यक्रमों के प्रश्नपत्रों की गाइडलाइन रुविवि की वेबसाइट पर अपलोड है। छात्र इसे डाउनलोड कर सकते हैं। अपने कोर्स में देखें कि पश्नपत्र में कितने प्रश्न आएंगे और उसमें कितने हल करने हैं। परीक्षा विभाग की ओर से गठित छह सदस्यीय समिति, प्रोफेसर एके जेटली, प्रोफेसर एसके पांडेय, प्रोफेसर विजय बहादुर सिंह यादव, डा. अमित सिंह, डा. आशुतोष प्रिय और डा. अशोक कुमार के निर्देशन में यह गाइडलाइन तैयार हुई है।

बीएससी में इस तरह प्रश्नों की कटौती
बीएससी में खंड-क से तीन प्रश्नों के बजाय दो हल करने होंगे। खंड-ख से पांच प्रश्नों के बजाय तीन के उत्तर देने होंगे। खंड-ग अनिवार्य रूप से हल करना होगा। इसी तरह बीए में पांच प्रश्नों में से तीन प्रश्न हल करने हैं। अगर खंड दिए हैं तो खंड-क से दो, खंड-ख से तीन और खंड-अनिवार्य रूप से हल करना है।

छात्र संगठन उठा रहे थे मांग
समाजवादी छात्रसभा के महानगर अध्यक्ष फैज मुहम्मद, एबीवीपी के संगठन मंत्री राहुल चौहान ने गत दिनों कुलपति को दिए मांग पत्र में अतिशीघ्र यह गाइडलाइन जारी कराने की मांग रखी थी। इस उद्देश्य कि परीक्षा से पहले विद्यार्थी गाइडलाइन देख लें कि उन्हें किस तरह पेपर हल करना है।

“मुख्य और प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षा के प्रश्नपत्रों से प्रश्न संख्या कम करने की गाइडलाइन जारी कर दी गई है। अंतिम वर्ष के सभी विद्यार्थी इसे आवश्य देख लें। महाविद्यालय भी छात्रों को इससे सूचित कराएं।” -संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक-एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय

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