अयोध्या : मूर्ति तराशी स्थल पर यात्रियों की No Entry , शिला दर्शन को देना होगा ब्यौरा
सुरक्षा कारणों से ट्रस्ट ने लिया फैसला, राजस्थान के संगमरमर से भी बनेगी रामलला की मूर्ति
अयोध्या, अमृत विचार। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामसेवकपुरम कार्यशाला में रामलला की मूर्ति के तराशी स्थल पर यात्रियों के प्रवेश पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर निर्माण कार्यशाला पर भी ट्रस्ट ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं कार्यशाला में रखे पत्थरों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब अपनी पहचान बतानी पड़ेगी, जिसके लिए एसआईएस के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की गई है, जो आने वाले यात्रियों के प्रवेश के पहले उनकी पहचान को रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
रामघाट क्षेत्र में तीन अलग-अलग कार्यशालाएं चलाई जा रही हैं। पत्थर तराशी कार्यशाला के साथ रामसेवकपुरम में रामकथा कुंज कार्यशाला और पत्थर कटिंग कार्यशाला बनाई गई है, लेकिन बीते दिनों से कार्यशालाओं में यात्रियों के आने की संख्या बढ़ी है और प्रतिदिन हजारों यात्री यहां पहुंचते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला की सुरक्षा के लिए पहले से सुरक्षाकर्मी तैनात हैं तो वहीं अब आने वाले यात्रियों की जानकारी को भी एकत्रित किया जा सके इसके लिए प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड को लगाया गया है, जो भी यात्री कार्यशाला में प्रवेश करेंगे उनका नाम और नंबर के साथ पता भी नोट किया जाएगा। रामलला की मूर्ति को तैयार करने के लिए कारीगरों की टीम अयोध्या पहुंचने लगी है। अपनी अलग-अलग शिलाओं पर मूर्ति को आकार देने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। गुरुवार को राजस्थान से लाई गई सफेद संगमरमर की शिला पर रामलला की मूर्ति बनाए जाने के लिए मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय ने वैदिक आचार्यों इन्द्रदेव से पूजन कर कार्य को प्रारंभ कर दिया है। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्र भी मौजूद रहे।
मूर्तिकार योगीराज एक और शिला ला रहे अयोध्या
रामलला की मूर्ति को तैयार करने के लिए देश के तीन प्रमुख अलग-अलग मूर्तिकारों को जिम्मेदारी दी गई है। इसी के तहत कर्नाटक मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज भी मूर्ति बनाने के लिए नई शिला को खोज कर अयोध्या ला रहे हैं। जल्द ही रामसेवकपुरम की कार्यशाला में कार्य प्रारंभ कर देंगे। दरअसल कर्नाटक के मूर्तिकार गणेश भट्ट श्यामशिला पर और राजस्थान के सत्य नारायण पांडेय ने संगमरमर की शिला पर मूर्ति आकार देने का कार्य शुरू कर दिया हैं।
राम मंदिर में शुरू हुई अनाउंसमेंट सेवा
राम जन्मभूमि पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु को रामलला के दर्शन से पहले उनके सामानों को सुरक्षित रखने, परिसर में प्रवेश के पहले किन-किन सामानों का प्रवेश निषेध है। इसकी जानकारी देने और मंदिर तक पहुंचने के बाद रामलला के दर्शन की जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन की तर्ज पर अनाउंसमेंट कर जानकारी दी जा रही है। ट्रस्ट के मुताबिक अयोध्या आने वाली दर्शनार्थी की भाषाएं अलग-अलग होती है इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत महसूस ना हो इसलिए अनाउंसमेंट की व्यवस्था को शुरू किया गया है।
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