बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ियों से धड़ल्ले से सप्लाई हो रही यूनिफार्म

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली,अमृत विचार। यूनिफार्म प्रकरण में ठेकेदार किस तरह से खेल कर रहे हैं, इस बात से कोई अनजान नहीं है। गुरुवार को ऐसा ही एक और मामला सामने आया, जिसमें रामनगर ब्लॉक का एक ठेकेदार अपनी गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाकर स्कूलों तक यूनिफार्म सप्लाई करने का काम रहा है। परिषदीय स्कूलों की यूनिफार्म …

बरेली,अमृत विचार। यूनिफार्म प्रकरण में ठेकेदार किस तरह से खेल कर रहे हैं, इस बात से कोई अनजान नहीं है। गुरुवार को ऐसा ही एक और मामला सामने आया, जिसमें रामनगर ब्लॉक का एक ठेकेदार अपनी गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाकर स्कूलों तक यूनिफार्म सप्लाई करने का काम रहा है। परिषदीय स्कूलों की यूनिफार्म के साथ गाड़ी का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

शासनादेश के अनुसार परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म का बांटने का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों को दिया गया है। मगर इन स्वयं सहायता समूहों को ठेकेदारों ने हाईजैक कर लिया है। स्वयं सहायता समूहों को महज 20-20 रुपये देकर उन्हें मैनेज कर लिया जाता है और ठेकेदार खुद रेडिमेड यूनिफार्म की सप्लाई का धंधा करते हैं। इस धंधे का गुरुवार को भांडाफोड़ हो गया।

सोशल मीडिया पर परिषदीय स्कूलों की यूनिफार्म के साथ यूपी 25 एस 0081 नंबर की एक ऑल्टो एलएक्सआई गाड़ी का फोटो वायरल हुआ। इस गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ है। यह गाड़ी रामनगर ब्लॉक ठेकेदार प्रेमपाल सक्सेना की है। बताया जा रहा है कि शिक्षकों पर दबदबा बनाने के लिए प्रेमपाल ने अपनी गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाया है। मगर संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार यह गाड़ी 700 साहूकारा निवासी अनुपम शर्मा के नाम पर दर्ज है, मगर प्रेमपाल का कहना है कि उसने यह गाड़ी कुछ दिनों पहले ही खरीदी थी।

खुद के स्वयं सहायता समूह, मगर नाम नहीं पता
यूनिफार्म की फोटो मिलने के बाद जब अमृत विचार ने प्रेमपाल से फोन पर बात की तो उसने बताया कि उसकी पंकज ट्रेडर्स नाम से एक फर्म है, जिससे वह कपड़े का धंधा करता है। उसके कई स्वयं सहायता समूह भी हैं, जिन्हें वह कपड़ा भेजने का काम करता है। इसी बीच प्रेमपाल यह भी बोल गया कि वह यूनिफार्म सप्लाई का भी काम करता है।

जब प्रेमपाल से उनके कई स्वयं सहायता समूहों में से किसी भी एक स्वयं सहायता समूह का नाम पूछा गया तो वह नहीं बता पाया। प्रेमपाल का कहना था कि वह आज साथ में अपना बड़ा मोबाइल नहीं लाया है। उसके मोबाइल में ही सभी स्वयं सहायता समूहों के नाम है। जबकि अमृत विचार लगातार ठेकेदारों द्वारा स्वयं सहायता समूहों को हाईजैक करने की खबर प्रकाशित कर रहा है।

पहले बोले- रामपुर से खरीदी बाद में अनुपम शर्मा से
जब प्रेमपाल से गाड़ी के बारे में पूछा गया तो वह बोला कि उसने बताया कि वह गाड़ी उसी की है और उसने उस गाड़ी को रामपुर से खरीदा है। मगर जब बताया कि यह गाड़ी तो 700 साहूकारा निवासी अनुपम शर्मा के नाम से दर्ज आ रही है। इस पर उसने तुरंत बात बदलते हुए कहा कि हां, प्रेमपाल से ही खरीदी है।

संबंधित समाचार