बरेली: पेट्रोल पंप की एनओसी...कितने अधिकारी-कर्मचारियों ने बरतीं अनियमितताएं, जांच शुरू

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Edited By Amrit Vichar
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कमेटी के सदस्य तहसीलदार सदर की अध्यक्षता में जांच कर एसडीएम सदर को देंगे रिपोर्ट

बरेली, अमृत विचार। तहसीलदार सदर सहित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने भूमाफिया घोषित रमनदीप सिंह द्वारा महानगर कालोनी में निर्धारित गाटा संख्या पर पेट्रोल पंप स्थापित न कर दूसरे गाटा संख्या पर लगाने समेत अन्य आरोपों की जांच शुरू कर दी है। टीम यह भी पता करेगी कि बीडीए से नक्शा पास कराए बिना किन अधिकारी-कर्मचारी के सहयोग और किस स्तर से अनियमितताएं कर पेट्रोल पंप की एनओसी जारी की गई। मैसर्स लीफ फिलिंग स्टेशन नाम से पेट्रोल पंप की एनओसी जारी कराने में तहसील सदर में तैनात रह चुके कई अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

जांच टीम में तहसीलदार सदर राम नरायन सिंह, राजस्व निरीक्षक राजपाल गंगवार, राजस्व निरीक्षक प्रदीप शर्मा, क्षेत्रीय लेखपाल विपिन पटेल और लेखपाल नरेश गंगवार शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु पूनिया के निर्देश पर उप जिलाधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रत्यूष पांडेय ने जांच के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी के सदस्य तहसीलदार सदर की अध्यक्षता में जांच पूरी करके आख्या एसडीएम सदर को उपलब्ध कराएंगे। एसडीएम सदर ने प्रकरण की स्थलीय और अभिलेखीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। 

किस गाटा संख्या पर प्रश्नगत अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया था। मौके पर जाकर देखें कि पेट्रोल पंप किस गाटा पर स्थापित हुआ था। तहसील से भेजी गई एनओसी की पत्रावली भी जांच आख्या के साथ तलब की है। दरअसल, अभी तक की जांच में यह बात सामने आई कि रमनदीप सिंह ने पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए गाटा संख्या 511 दिखाई थी, लेकिन पेट्रोल पंप इस गाटा संख्या पर स्थापित न कर गाटा संख्या 520/691 पर स्थापित कर संचालित किया था। इसमें बड़े स्तर पर अनियमितताएं बरती गई थीं।

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