Farrukhabad में बड़ा हादसा होते-होते टला, बरातियों से भरी बोलेरो अनियंत्रित होकर पलटी, सात घायल

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Edited By Amrit Vichar
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फर्रुखाबाद में बरातियों से भरी बोलेरो पलटी।

फर्रुखाबाद में बरातियों से भरी बोलेरो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में सात यात्री घायल हो गए।

फर्रुखाबाद, अमृत विचार। बरात में जा रही बोलेरो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक बराती की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। सीएचसी नवाबगंज से रेफर होकर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में घायलों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घायल की हालत गंभीर होने पर उनको सैफई रेफर कर दिया गया। युवक के शव को पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

एटा जिले के थाना जैथरा क्षेत्र के गांव नखतपुरा निवासी नेत्रपाल के पुत्र दिनेश की बारात सोमवार रात नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव धूरीहार में जा रही थी। बरातियों से भरी बोलेरो मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव अचरा मोड पर पहुंची, तभी वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बोलेरो में बैठे बराती अनूप, ओमवीर, यशवीर, अनिल, दिनेश, कमलेश और बोलेरो चालक शनि गंभीर घायल हो गए।

वहां से गुजर रहे लोगों ने बोलेरो पलटी देखी तो पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी नवाबगंज में एंबुलेंस से भर्ती कराया। बरात भरी बोलेरो पलटने की जानकारी पर कई बराती और दूल्हा के परिजन सीएचसी पहुंच गए। घायलों की हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने सभी को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। सभी एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल में लाए गए। एक साथ सात घायल आने से इमरजेंसी में अफरा तफरी का माहौल हो गया। ईएमओ ड्यूटी पर तैनात डॉ आकाश बंसल ने घायलों को उपचार किया।

हालत गंभीर होने पर उन्होंने सभी का सैफई रेफर कर दिया। सैफई जाते समय घायल अनूप की रास्ते में मौत हो गई। उसका शव वापस लोहिया अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी पर पिता नेम सिंह, मां गुड्डी देवी, पत्नी गीतादेवी लोहिया अस्पताल पहुंचे। अनूप का शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एकलौते पुत्र का शव देख मां का हुआ हाल बेहाल

बारात में जाते वक्त बोलेरो पलटने से युवक अनूप की मौत होने से उसके परिवार में मातम छा गया। नेमसिंह का एकलौता पुत्र अनूप कुमार था। नेमसिंह के उसके अलावा कोई पुत्री भी नहीं है। अनूप का पांच साल का पुत्र है। शव देखकर मां गुड्डीदेवी, पत्नी गीता देवी का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया। पिता नेमसिंह ने बताया कि सड़क हादसे में उसके घर का चिराग बुझ गया हैं।

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