बरेली: रिले रूम की तर्ज पर होगी रिले हट और गुमटियों की सुरक्षा, सभी रेल मंडलों को आदेश जारी
बरेली, अमृत विचार। ओडिशा के बालासोर में हुए हादसे के बाद रेल प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। लगातार ट्रेन संचालन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इस क्रम में रेलवे बोर्ड ने अफसरों को सभी जोन और उनके रेल मंडलों के स्टेशनों के रिले रूम की तर्ज पर आसपास मौजूद रिले हट और गुमटियों की सुरक्षा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही स्टेशन अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे परिचालन और सिग्नल से जुड़े कर्मचारियों के साथ संरक्षा बैठक करें।
एसएंडटी ( सिग्नल एंड टेली कम्युनिकेशन) गेयर्स के डिस्कनेक्शन और रिकनेक्शन को लेकर जारी ज्वाइंट प्रोसीजर ऑर्डर्स के मुताबिक जिस तरह स्टेशन के रिले रूम में डबल लॉकिंग की व्यवस्था है, उसी तरह रिले हट और गुमटियों में भी दो ताले लगाए जाएंगे। जब तक यह व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक सिंगल लॉक वाले रिले हट वाली गुमटियां और रिले हट की चाबियां स्टेशन मास्टर के पास रहेंगी।
इन चाबियां को देने और जमा करने की प्रवृष्टियां भी स्टेशन मास्टर को व्यवस्थित करनी होंगी, उसी तरह जैसे स्टेशन रिले रूम की होती हैं। हालांकि, यह व्यवस्था किन रिले हट और गुमटियों पर की जानी हैं, इसकी सूची मंडल स्तर से जारी की जाएगी। दरअसल, इसका मकसद संबंधित विभागों द्वारा सिग्नलिंग सिस्टम के मेंटिनेंस के दौरान जिम्मेदारी तय करना है। इन स्थानों पर किसी भी प्रकार की चूक संरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। मुरादाबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि इन आदेशों का पालन मुरादाबाद रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर कराया जा रहा है।
मेन लाइन पर पहली ट्रेन नहीं गुजरेगी रन थ्रू
नए निर्देशों के अनुसार काम खत्म होने के बाद मेन लाइन से पहली ट्रेन को रन थ्रू नहीं गुजारा जाएगा। अप और डाउन दोनों लाइनों पर गुजारी जाने वाली पहली ट्रेन जो भी पहला सिग्नल पड़ेगा, उस पर रोकी जाएगी। इसके अलावा रिले रूम में जो भी मेंटिनेंस का कार्य होगा, वह ट्रैफिक ब्लॉक लेकर या फिर नॉन इंटरलॉकिंग के दौरान किया जाएगा।
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