अयोध्या: सीएम के आदेश के बाद भी कटौती जारी, शहर में 24 के बजाए 18, गांवों में आठ से नौ घंटे ही आपूर्ति

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या/अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि शहर में 24 और गांवों में 18 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाए। इन आदेशों के बाद भी अयोध्या की बिजली आपूर्ति व्यवस्था जस की तस है। शहर में 24 घंटे के बजाए 18 और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 के बजाए आठ से नौ घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। हकीकत में बेतहाशा कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी और बला की उमस में बिजली विभाग की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है।

शहर और देहात दोनों क्षेत्र में बिजली संकट से लोग परेशान हैं। पूराबाजार, रुदौली और सोहावल, मिल्कीपुर, गोसाईगंज के इलाके में ग्रामीणों को ठीक से 12 घंटे भी बत्ती नहीं मिल पा रही है, जबकि 18 घंटे का पहले से ही रोस्टर है। हालांकि बीकापुर, हैरिंग्टनगंज और कुमारगंज आदि क्षेत्रों में अन्य के मुकाबले आपूर्ति बेहतर है, लेकिन कटौती की कटार पहले की तरह चल रही है।

पावर कापोर्रेशन के कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार निर्बाध आपूर्ति यानि बिना ब्रेक के आपूर्ति कहीं नहीं हो पा रही है। एसडीओ आरबी वर्मा बताते हैं कि ओवरलोड काफी है। बीस दिनों में 45 फीसदी से अधिक लोड बढ़ा है और आर्द्रता बरकरार रही तो यह 50 प्रतिशत से अधिक जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग अंधाधुंध बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। 
     

बता दें कि शहर के लालबाग उपकेंद्र पर रात में एक ओर केबल डालने के लिए 15 मिनट का शटडाउन लिया गया। मिल्क डेरी फीडर पर फाल्ट हुआ। इससे बीस मिनट तक बत्ती बंद रही। चौक उपकेंद्र ओवरलोड चल रहा है। लोड 245 एम्पियर पार हो रहा है। ऐसे में मशीनें हांफने लगी हैं। अमानीगंज में भी ओवरलोड की समस्या है। ट्रिपिंग यहां भी जबरदस्त हो रही है। उपकेंद्र से चार फीडर चलते हैं इसमें चौक और साहबगंज फीडर पर सबसे ज्यादा दिक्कत है।

ओवरलोड होने के कारण कहीं न कहीं फ्यूज उड़ रहे हैं। उपकेंद्र पर मशीनें गर्म हो रही हैं। कौशलपुरी फीडर से भी दिन में आठ से दस बार बिजली कटौती हो रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर उपकेंद्रों पर अर्थिंग में सुबह और शाम बराबर पानी डाला जा रहा है जिससे आपूर्ति बेहतर रहे। नगर में भी 18  घंटे बत्ती नहीं मिल पा रही है। पूराबाजार का रसूलाबाद उपकेंद्र ओवरलोड चल रहा है।

वहीं सोहावल, रुदौली, मिल्कीपुर के उपकेंद्र से भी दिक्कतें हैं। कस्बे में तो बिजली की आपूर्ति ठीक ठाक चल रही है लेकिन ग्रामीण इलाकों में फाल्ट के चलते 12 घंटे भी ठीक से बिजली नही मिल रही है। ओवरलोडिंग की सबसे अधिक मार ट्रांसफॉर्मर पर पड़ रही है। 15 दिन में 120 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर फुंक चुके हैं। अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार वर्मा का कहना है कि जहां से भी ट्रांसफॉर्मर खराब होने की सूचना मिल रही है। निर्धारित समय में उसे बदलवाने का प्रयास हो रहा है।

266 मेगावाट तक पहुंची बिजली की खपत 
पारेषण के अनुसार गर्मी और तपिश के कारण इस समय बिजली की खपत सर्वाधिक है। इस समय जिले में बिजली की खपत बढ़कर 266 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है। सामान्य दिनों में जिले की बिजली की मांग 220  मेगावॉट तक रहती है।

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