बरेली: बछड़ों को डायरिया से बचाएगा IVRI का माइक्रो कैप्सूल

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वैज्ञानिकों ने शोध कर तैयार किया, शारीरिक वृद्धि में भी सहायक

शिवांग पांडेय, बरेली। गर्मी के मौसम में बछड़ों में डायरिया की समस्या बढ़ जाती है। इलाज न मिलने पर बछड़े की मृत्यु भी हो सकती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों ने माइक्रो कैप्सूल तैयार किया है, जिसे माइक्रो एन कैप्सूलेटेड नाम दिया है, जो न सिर्फ बछड़ों को डायरिया से बचाएगा बल्कि उसकी शारीरिक वृद्धि में भी सहायक होगा।

संस्थान के पशु पोषण विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजू काला ने बताया कि गाय के बछड़ों के शुरुआती दिनों 1-3 माह के अंदर खानपान व अन्य लापरवाही से डायरिया का खतरा अधिक होता है। जिससे शिशु की वृद्धि रुक जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु हो सकती है।

इसकी रोकथाम के लिए शरीर में पाये जाने वाले प्रोबायोटिक से कैप्सूल तैयार किए गए हैं, जिन्हें चारे में मिलाने से देकर उन्हें डायरिया से बचाया जा सकता है। ये कैप्सूल बछड़े की आंतों तक पहुंचकर ई कोलाई व अन्य डायरिया फैलाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है। इस अध्ययन में पशु पोषण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एलसी चौधरी, डॉ. महेश का विशेष योगदान रहा।

शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को कहते हैं प्रोबायोटिक्स
पशु एवं मानव शरीर में दो प्रकार के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। जिनमें एक शारीरिक वृद्धि में सहायक होते हैं, जिन्हें अच्छा बैक्टीरिया या प्रोबायोटिक कहा जाता है। ये बैक्टीरिया बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं, जबकि बुरे बैक्टीरिया बीमारी फैलाने में सहायक होते हैं, जैसे ई- कोलाई, सल्मोना। ये शरीर को बीमार बनाने, घाव या अन्य तरीके से शरीर में प्रवेश कर बीमारी फैलाते हैं।

दही जमाने में कारक बैक्टीरिया से तैयार किया कैप्सूल
प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजू काला ने बताया कि इस कैप्सूल को तैयार करने में टीम ने दूध से दही बनाने में मददगार प्रोबायोटिक लैक्टोबैक्सीलस एसिडोफिल्यएस से कैप्सूल तैयार किया, जो डायरिया फैलाने वाले बैक्टीरिया सल्मोना को बछड़े की बड़ी और छोटी आंत तक पहुंचकर नष्ट करने में सहायक होता है।

रूम टेंपरेचर पर चार माह तक रहेगा सुरक्षित
वैज्ञानिक की ओर से तैयार कैप्सूल को रूम टेंपरेचर पर रखने पर चार माह तक संरक्षित कर सकते हैं। साथ ही चार डिग्री पर रखने पर इसे छह माह तक संरक्षित कर सकते हैं।

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