बरेली: दो और कंपनियों ने की करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, कलेक्ट्रेट पहुंचीं शिकायतें

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जालसाज कंपनियों का शहर में बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। आईसीएल कंपनी के निदेशक आरके गोला द्वारा हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के बाद दो और जालसाज कंपनियों के नाम सामने आए हैं। दोनों कंपनियों के विरुद्ध कलेक्ट्रेट में लिखित शिकायत की गई है। कंपनियों ने बड़ी संख्या में लोगों को लालच देकर अपने झांसे में फंसाया और करोड़ों रुपये की रकम समेटकर फरार हो गईं। मामले में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व काे सौंपी गई है।

कंपनी का दफ्तर बंद, मैनेजर को जेब से भरने पड़े 1.78 लाख रुपये
जिला बदायूं के केडी हाउस के पास जवाहरपुरी निवासी राममोहन पुत्र रतनलाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के जनता दर्शन में सुनवाई कर अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम नहने राम को शिकायत सौंपी। जिसमें बताया कि वह ऐली ग्लोबल माइक्रो फाइनेंस कंपनी, इंदिरा नगर लखनऊ के बरेली शाखा में बतौर प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। उसने कंपनी के फायदे बताने के साथ पैसा लगाकर मुनाफे की बात करते हुए 25 लोगों के रुपये भी लगवा दिए। 

फाइनेंस कंपनी ने 2021 से कार्य करना बंद कर दिया। किसी का एक रुपये भी नहीं दिया। उसने निदेशकों से कई बार रुपये वापस करने की गुहार की लेकिन आश्वासन के सिवा कोई रुपया नहीं मिला। उसने किसी तरह आठ लोगों का करीब 1.78 लाख रुपये अपनी जेब से अदा किए हैं। पीड़ित ने कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए रुपया दिलवाने की मांग की है। मामले की जांच एडीएम फाइनेंस को सौंपी गई है।

स्कीम समझाकर साथ में काम का लालच देकर 16.50 लाख ठगे
शहर के बिहारीपुर कहरवान निवासी वसी अहमद ने कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन में शिकायत सौंपते हुए कहा है कि उसकी विनायक दर्शन मेगा मार्ट इंडिया के निदेशकों से बात हुई थी। निदेशकों ने उसके घर आकर कंपनी की स्कीम समझाई। उसे रुपये लगाकर कंपनी में काम करने को कहा। निदेशकों ने अलग-अलग तारीखों में कंपनी में उससे 16.50 लाख रुपये लगवा दिए। काफी समय तक कंपनी से उसे कोई फायदा नहीं पहुंचा। तब उसने निदेशकों से अपना रुपया मांगा। निदेशक टालमटोली करने लगे। बाद में कंपनी बंद कर दी। निदेशकों के विरुद्ध इज्जतनगर थाने में धोखाधड़ी में मुकदमे दर्ज हैं। पांच निदेशकों ने धोखाधड़ी करके उसकी धनराशि हड़प कर ली। पीड़ित ने कंपनी के निदेशकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए धनराशि दिलाने की मांग की है। मामले की जांच एडीएम फाइनेंस को सौंपी गई है।

पौने दो लाख से अधिक निवेशकों के फार्मों की फीडिंग शुरू
रकम मिलने की आस में कलेक्ट्रेट से लेकर तहसीलों में जनवरी माह से लेकर अप्रैल तक पौने दो लाख से अधिक निवेशकों ने डूबी रकम के संबंध में फार्म भरकर जमा किए थे। निवेशकों के फार्मों की फीडिंग शुरू हो गई है। फीडिंग के दौरान फार्मों को स्कैन करने के साथ किस कंपनी ने धोखाधड़ी की, कितनी रकम कब से कब तक जमा करने समेत कई बिंदुओं पर चिट्ठा भी तैयार किया जा रहा है।

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