Fatehpur में पानी की किल्लत, चार दिन से नपं के टैंकर से बुझ रही प्यास, जलापूर्ति की लाइन में पड़ा सूखा
फतेहपुर में चार दिन से नपं के टैंकर से बुझ रही प्यास।
फतेहपुर में चार दिन से नपं के टैंकर से बुझ रही प्यास। पानी की मोटर फुंकने से जलापूर्ति की लाइन में सूखा पड़ा। नवीन सल्लतन में पेयजल की दिशा में प्रभावी कदम उठ रहे।
फतेहपुर, अमृत विचार। नवसृजित नगर पंचायत असोथर में इस गरमी, पानी की समस्या पर कम शोर मच रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब यहां की आबादी का निजाम ग्राम पंचायत का प्रधान न होकर नगर पंचायत का अध्यक्ष है। यही कारण है कि चार दिन से जलापूर्ति ठप रहने के बावजूद यहां की जनता को पानी की समस्या चुनौती से नहीं जूझना पड़ रहा है वरना नवसृजन से पहले की गरमी में पेयजल समस्या का हश्र देखते बन रहा था। तब बूंद बूंद पानी को लेकर हाय तौबा मचती थी। अब इसका शोर कम सुनने को मिल रहा है क्योंकि निकाय प्रशासन स्तर से मोहल्ले मोहल्ले पानी का टैंकर भिजवाया जा रहा है।
96 घंटे पहले फुंकी थी मोटर
असोथर नगर पंचायत में पिछले 96 घंटे से पानी की मोटर फुंकी पड़ी है। जिसे अभी तक सही नहीं कराया गया है। नतीजन, कई मोहल्लों में पेयजल की चुनौती खड़ी हो गई। ऐसी घड़ी में नगर पंचायत का पानी समस्या को लेकर जिस तरह से अब तक प्रदर्शन रहा है। उससे यहां की जनता में नगरीय ठप्पा लगने की खुशी देखने को मिल रही है। नगर पंचायत प्रशासन ने इस समस्या से निजात दिलाने को अपने पानी के टैंकर उतार दिए हैं। जो घर जलापूर्ति मुहैया कराने का बंदोबस्त करते देखे जा रहे हैं।
बाजार में भी प्यास बुझाने के इंतजाम
बेशक, अभी हाल ही में नवसृजित बोर्ड की पहली बैठक हुई है। जिसमें 16 करोड़ से विकास कार्य कराए जाने के प्रस्ताव पारित हुए हैं लेकिन निकाय प्रशासन का नजरिया जनता को लेकर जिस तरह जिम्मेदारी का अहसास करा रहा है। उससे गरमी के दौरान पानी की मोटर फुंकने का तमाम कस्बाइयों को इल्म तक नहीं है। निकाय ने मोहल्ले मोहल्ले पानी के टैंकर भिजवाने के साथ ही बाजार आने वाली जनता को इसी तरह का इंतजाम कर रखा है।
हैंडपंप में कतार न ही कुएं में नंबर का इंतजार
ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनी असोथर की पेयजल समस्या को दूर करने में काफी काम करना होगा लेकिन मौजूदा वक्त जिस तरह का प्रयास किया जा रहा है। उससे हैंडपंप की कतार और कुएं में बारी के इंतजार पर विराम लग गया है। चार दिन से पेयजल समस्या होने के बावजूद न तो हैँडपंप में भीड़ नजर आ रही है और न ही कुएं में रस्सी डालने को लाइन में खड़ी जमाम से ही साबका हो रहा है।
नगर पंचायत बनने से काफी राहत महसूस हो रही है। सफाई पर ध्यान दिया जाने लगा है। इधर पेयजल संकट के वक्त नगर पंचायत का रोल सराहनीय है।- सरवर खान, असोथर
ग्राम पंचायत के दौरान पानी की समस्या को लेकर प्रशासनिक इंतजाम इस तरह के कभी नहीं रहे। टैंकर से पानी की उपलब्धता कराया जा रहा है।- आशीष तिवारी, असोथर
नगर पंचायत का वाशिंदा बनकर खुशी हो रही है। पेयजल समस्या तो अभी भी है लेकिन इससे निपटने के उपाय काबिलेगौर नजर आ रहे हैं।- कामता, पुरानी बाजार असोथर
असोथर की बड़ी आबादी के लिहाज से इसे काफी पहले यह ओहदा मिल जाना चाहिए था। देर से ही सही लेकिन बेहतर तोहफा मिला है।- अजय विक्रम सिंह, वार्ड आठ
