बदहाल हाईवे, सालाना वसूली 350 करोड़ की
बरेली, अमृत विचार। कहने को तो लखनऊ हाइवे फोरलेन है। लेकिन सफर करने वाले ही जानते हैं कि इस हाईवे पर कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। करीब 270 किमी की यात्रा में कितनी जगह जाम के झाम में फंसना पड़ेगा, इसका कोई पता नहीं है। बदइंतजामी और करीब पांच जगहों पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज …
बरेली, अमृत विचार। कहने को तो लखनऊ हाइवे फोरलेन है। लेकिन सफर करने वाले ही जानते हैं कि इस हाईवे पर कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। करीब 270 किमी की यात्रा में कितनी जगह जाम के झाम में फंसना पड़ेगा, इसका कोई पता नहीं है। बदइंतजामी और करीब पांच जगहों पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज सफर को दुखदाई बना देते हैं। कई जगहों पर रूट डायवर्जन के कारण जाम लग जाता है। इसके चलते बरेली से लखनऊ की यात्रा में छह से सात घंटे बस से लग रहे हैं। सुविधा विहीन हाइवे पर तीन टोल भी हैं। जिससे एनएचएआई को सलाना 350 करोड़ से अधिक की आय होती है।
लखनऊ से सीतापुर- बरेली हाईवे पर यात्रा मुसीबत भरी है। क्योंकि सभी ओवरब्रिज निर्माणाधीन है। इसमें सीतापुर में दो, खीरी में एक, शाजहांपुर में दो और बरेली जनपद में एक पुल पड़ता है। जिसमें सीतापुर शहर में पड़ने वाले एक पुल को छोड़कर सभी पर कार्य चल रहा है।
लेकिन समय से कार्य पूरा न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक उन जगहों पर दिक्कत हो रही है, जहां पर रेलवे क्रांसिंग है। इसमें फतेहगंज पूर्वी के बिलपुर स्टेशन के हुलास नगरा रेलवे क्रॉसिंग जहां पर हर रोज जाम लगता है। इसके कारण लोगों को घंटों परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बरेली-सीतापुर फोरलेन का हाल यह है कि जगह-जगह गड्ढे हैं।
बरेली से फरीदपुर के बीच भी सड़क काफी खराब है। जबकि दूसरी तरफ लखनऊ – सीतापुर – बरेली मार्ग पर लखनऊ के इटौंजा, खैराबाद टोल, बरेली प्लाजा में टोल प्लाजा है। इससे एनएचएआई लाखों रुपया प्रतिदिन आय होती है। इसके बावजूद भी सड़क निर्माण कार्य मंद गति से हो रहा है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सफर के दौरान एक घंटा अतरिक्त समय लग रहा है। कई बार तो ऐसी भी स्थित आती है। जाम में फंस कर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
