डीएम की बड़ी पहल: अभियान चलाकर निस्तारित किए जायेंगे पांच वर्ष से लंबित मामले

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राजस्व के पुराने वादों के निस्तारण के लिए डीएम नेहा शर्मा ने जारी किए निर्देश

गोंडा/अमृत विचार। पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित पड़े राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर डीएम नेहा शर्मा ने बड़ी पहल की है। उन्होंने अभियान चलाकर इन मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया है। डीएम के इस फैसले से राजस्व न्यायालयों के चक्कर काट रहे वादकारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  

जिले के राजस्व न्यायालय मुकदमों के बोझ से कराह रहे हैं। अफसरों की व्यस्तता को कारण इन न्यायालयों पर मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पाती। ऐसे में यहां आने वाले वादकारियों को तारीेख ही मिलती है। तारीख के इस खेल में उनका समय और पैसा तो व्यर्थ होता ही है ,छोटे छोटे मामलों के निस्तारण में भी वर्षों लग जाते हैं। इन लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर डीएम नेहा शर्मा ने बड़ी पहल की है। वादकारियों को राहत देते हुए उन्होंने पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित पड़े मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।

डीएम ने राजस्व न्यायालयों पर पांच वर्ष से लंबित पड़े मामलों की सूची तैयार करने करने का निर्देश दिया है। जुलाई महीने में विशेष अभियान चलाकर इनका निस्तारण कराया जायेगा। डीएम के इस फैसले से राजस्व न्यायालयों को चक्कर काट रहे वादकारियों को बड़ी राहत‌ मिलने की उम्मीद है। इससे उनके मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण हो सकेगा और उन्हे तारीख पर तारीख लेने की पीड़ा से भी छुटकारा मिल सकेगा। 

इन अदालतों पर लंबित मुकदमों की तैयार हो रही लिस्ट
अमृत विचार। डीएम नेहा शर्मा के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न्यायालयों में पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लम्बित वादों की सूची तैयार की गई है। इन अदालतों पर बड़ी संख्या में मुकदमें लंबित पाए गए हैं। डीएम ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके त्वरित निस्तारण का फरमान जारी किया है। डीएम ने सभी अफसरों को प्राथमिकता के आधार पर जुलाई महीने में विशेष अभियान चलाकर इन लंबित मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया है।

प्रतिदिन करनी होगी सुनवाई, दैनिक रिपोर्ट भी तलब 
अमृत विचार। डीएम ने राजस्व न्यायालयों के सभी पीठासीन अधिकारियों को जुलाई माह में प्रत्येक कार्यदिवस पर अधिक से अधिक वादों की सुनवाई कर उनके निस्तारण का निर्देश दिया है। साथ ही इसकी दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्य राजस्व अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। डीएम ने कहा है कि वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही कदापि स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन न्यायालयों में मानक के अनुरूप वादों का निस्तारण नहीं होगा, उनके पीठासीन अधिकारियों का उत्तरदायित्व तय करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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