संतकबीरनगर: पहली ही बरसात ने खोल दी विभाग के भ्रष्टाचार की पोल, ग्रामीणों के माथे चिंता की लकीरें

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Edited By Amrit Vichar
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मेंहदावल, संतकबीरनगर। मानसून के दस्तक देने  से लोगों को भले ही गर्मी से निजात मिल गई हो। लेकिन, तहसील क्षेत्र के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। उन्हें बाढ़ से होने वाले नुकसान की चिता सता रही है। बाढ़ खंड और प्रशासन भले ही बाढ़ से बचाव के दावे कर रहा हो। लेकिन, ग्रामीण आशंकित है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए कोई अतिरिक्त तैयारी नहीं है। 

 बाढ़ खंड और प्रशासन ने कटान रोकने के लिए इस बार भी कोई अतिरिक्त तैयारी नहीं की है। जबकि काम पूरे होने के 90 प्रतिशत दावा सिंचाई विभाग कर रहा है। रविन्द्र यादव, विजय यादव, प्रदीप , साहिल , गौतम सहानी, रंजीत ,राजकुमार सहानी, समेत आधा दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि कुछ जगह पर बालू भरे कट्टे लगवाए हैं। पिछले साल बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त  बांध और संपर्क मार्गों की मरम्मत के नाम पर औपचारिकता निभाई गई है। उन्हें आशंका है कि राप्ती नदी ने अगर अपना  ने विकराल रूप दिखाया तो उनकी खरीफ की मक्का, तिल, बाजरा, धान, ईख आदि फसलों के बर्बाद होने के साथ ही जमीनें कटने का भी खतरा है।

गांव में पानी भरने से गत वर्षो की तरह उन्हें इस बार भी सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ेगा। पिछले बार डीएम दिव्या मित्तल ने अलग-अलग बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था। बाढ़ खंड व तहसील प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। मानसून ने दस्तक दे दिया हैं, लेकिन जिले में प्रशासन आधी-अधूरी तैयारी के साथ संभावित आपदा से निपटने के लिए कमर कस चुका है। हाल यह है कि जिम्मेदार विभागों ने अब तक कई बांधों की सुध तक नहीं ली है।

इतना ही नहीं जल संसाधन विभाग के पास न तो नाव है और न ही नाविक। जिले में पिछले वर्षों में आई बाढ़ व अतिवृष्टि के मद्देनजर जिला आपदा प्राधिकरण की ओर से इस बार संभावित बाढ़-अतिवृष्टि से निपटने की तैयारी की जा चुकी है, लेकिन बाढ़ के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला जल संसाधन विभाग अब भी कोई खास तैयारी नहीं कर पाया है। ऐसे में आपदा के दौरान प्रशासन के पंगू होने की आशंका बनी हुई है। 

क्या बोले अवर अभियंता!
इस बारे में बात करने पर अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि काम पूरा हो चुका है। बाढ़ से निपटने की सारी तैयारियां हो चुकी हैं। बंधे पूरे तरह से मजबूत हैं, ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

शीघ्र करुंगा तटबंधों का निरीक्षण-एसडीएम
संतकबीरनगर। उपजिलाधिकारी योगेश्वर सिंह ने कहा कि जल्द ही तटबंधों का निरीक्षण करुंगा। कार्यों में लापरवाही और मानकों की अनदेखी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि तटबंधों को नुकसान पहुंचता है तो जिम्मेदारों की खैर नहीं होगी।

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