Farrukhabad: 1.27 लाख के नकली नोट के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार, भारतीय मुद्रा का 30 से 40 प्रतिशत दर से करेंसी में बेचते थे
फर्रुखाबाद में 1.27 लाख के नकली नोट के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार।
फर्रुखाबाद में 1.27 लाख के नकली नोट के साथ पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 500, 200, 100 रुपये के जाली नोट बरामद हुए।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। जाली नोट छाप कर असली नोटों में मिलाकर चलाने वाले गिरोहा के पांच सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया है। उनके पास से 1.27 लाख रुपये के जाली नोट और इनको बनाने में प्रयोग होने वाले उपकरणों को बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट में पेश किया। वहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
जिले में 200, 100 और 50-50 रुपये के जाली नोट चलने की जानकारी मिलने पर एसपी विकास कुमार ने पुलिस को सतर्क किया। उन्होंने एसओजी प्रभारी अमित गंगवार, कादरीगेट थानाध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला व सर्विलांस टीम को संक्रिय कर दिया। मंगलवार की रात मुखबिर की सूचना पर तीनों टीमों ने लालदरवाजे के पास दबिश देकर सौरभ सुमंत को उठा लिया। उससे पूछताछ के मसेनी टीला तिराहा के पास दबिश दी। वहा कार में हैवतपुर गढिया निवासी सौरभ यादव मिला। कार में नकली नोटों की गड्डी मिली।
दोनों से रात में पुलिस ने पुछताछ की तो पता चला नकली नोट बनाने के कारोबार में उसके साथ हैवतपुर गढिया निवासी सूरज उर्फ सूर्या उर्फ प्रदीप यादव, खानपुर निवासी मुकेश शाक्य, चाचूपुर निवासी सुनील भी शामिल है। पुलिस ने रात में चारों को उठा लिया। उनकी निशानदेही पर नकली नोट बनाने की सामग्री बरामद की। बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी ने पत्रकार वार्ता की। एसपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से 1.27 लाख जाली नोट बरामद हुए हैं।
इसमें 500-500 रुपये के 124 नोट, 200-200 रुपये के 250 नोट, 100-100 रुपये के 150 नोट बरामद हुए है। इसके अलावा 3100 रुपये असली बरामद हुए। 11 पेज छपे नोट, एचपी डेक्स प्रिंटर, एक झोला कतरन कागज की, तीन कांच के चौकोर टुकड़े, एक बिजली वाली प्रेस, एक एलईडी बल्ब, तीन अदद पेपर कटिंग चाकू,एक ब्रुश, एक कैंची, हरा टेप, अबड़, चार मुहर गांधी जी छाप जिस पर 100, 200 और 500 लिखा था। तीन सफेद स्याही मुहर, एक डाटा केबल प्रिंटर वाली, एक टीन का बक्सा, चार माबाइल टच, पांच सफेद कागज, एक कार व अन्य सामान बरामद हुआ है।
आरोपियों ने बतया कि हम लोग जाली करेंसी छापने का काम मिलकर करते हैं। उनको असली भारतीय मुद्रा का 30 से 40 प्रतिशत की दर से भारतीय करेंसी में बेच देते हैं। इससे अपने शौक पूरे करते हैं। एसपी ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
