यूपी के हजारों एनएचएम कर्मचारियों को नहीं मिल रहा ईपीएफ का लाभ, प्रमुख सचिव को पत्र लिख उठाई मांग
लखनऊ, अमृत विचार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के करीब 80 हजार कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ नहीं मिल रहा है। इन कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखा है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को लिखे पत्र में संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ की तरफ से कहा गया है कि एनएचएम के तहत करीब एक लाख से अधिक कर्मचारी अल्प वेतन पर बिना किसी विशेष सुविधा के कार्य कर रहे है, जिनके वेतन से उनके परिवार का पालन पोषण कर पाना असंभव जैसा है। इस दौरान किसी प्रकार की किसी के साथ दुघर्टना हो जाती है तो उस कर्मी अथवा उसके परिवार के लिए किसी प्रकार की कोई सुविधा विभाग के तरफ से नही प्रदान की जाती है। जिससे दुर्घटना अथवा मृत्यु की दशा में कर्मी अथवा उसका परिवार बेसहारा हो जाता है।
यूपी में 15000 तक के प्रारंभिक वेतन पा रहे कार्मिको को ईपीएफ का लाभ एनएचएम (NHM) कार्मिको को दिया जाता है वही 15000 के अधिक वेतनमान वाले कार्मिको को सामाजिक सुरक्षा के नाम पर कोई लाभ नही दिया जाता है। जबकि पड़ोसी राज्य बिहार में सभी कार्मिकों को ईपीएफ का लाभ दिया जा रहा है। हालांकि वहां पर भी 15 हजार से अधिक वेतन पाने वाले कार्मिकों को ईपीएफ का लाभ 15 हजार के वेतन को आधार मान कर ही दिया जाता है। यानी की ईपीएफ 15 हजार के वेतन के प्रतिशत के हिसाब से दिया जाता है। फिर चाहे किसी का वेतन 20 हजार या उससे अधिक ही क्यों न हो।
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने पत्र भेजकर मांग की है कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ प्रदान दिए जाने के लिए उचित र्कारवाई की जाये।
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