राम जन्मभूमि No More जैसे मैसेज भेजने का आरोपी चढ़ा पुलिस के हाथ, पूछताछ जारी
अयोध्या, अमृत विचार। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सदस्य को राम जन्मभूमि नो मोर व अन्य आपत्तिजनक मैसज भेज पुलिस महकमें में हलचल मचाने वाला शख्स पुलिस के हाथ लग गया है। मूल रूप से पश्चिम बंगाल निवासी इस शख्स को पुलिस लेकर जनपद आई है और पूछताछ में जुटी है।
बताया जाता है रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के मोबाईल पर कुल पांच व्हाटससप मैसेज आये थे, जिनमें पीएम, गृह मंत्री, रामजन्मभूमि मामले में फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश तथा पूर्व राष्ट्रपति के प्रति आपत्तिजनक कमेंट युक्त एडिटेड फोटो भेजा गया था। साथ ही 19 जुलाई 2023 का हवाला देते हुए रामजन्मभूमि नो मोर व बाबरी मस्जिद यस की बात लिखी गई थी। प्रकरण में विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के मुख़्तार आम कैलाश नाथ मिश्र की ओर से थाना रामजन्मभूमि को शिकायत दी गई थी और पुलिस ने उसी दिन देर रात लगभग नौ बजे धर्म के अपमान के आशय से उपासना स्थल को अपवित्र करने, धमकी तथा आईटी एक्ट के तहत केस पंजीकृत किया था और व्हाटससप नंबर धारक मो मिसबहुल शेख की तलाश में एक पुलिस टीम रवाना हुई थी।
पुलिस टीम ने आंध्र प्रदेश से पश्चिम बंगाल के 24 परगना बजबज थाना क्षेत्र निवासी मिसबहुल शेख को अपने साथ लेकर आई है। जानकारों के मुताबिक कपड़ो पर कढ़ाई का कार्य करने वाला मिसबहुल शेख बाबरी मस्जिद प्रकरण को लेकर आक्रोशित था तथा उसकी इच्छा यहां आकर परिसर में नमाज पढ़ने तथा स्थल को देखने की थी, जिसके लिए उसने पहले 6 दिसंबर 2021 का समय तय किया था लेकिन कोरोना काल के चलते इसको इस साल 6 दिसंबर तय किया और आने के लिए ट्रेन इंक्वायरी आदि भी की थी। नामचीन लोगों के फोटो पर टिप्पणियां अपने गुस्से के इजहार के लिए किया था तथा एक फोटो में लड़की का नाम नौकरी से निकाले जाने को लेकर सबक सिखाने के लिए दर्ज किया था।
फ़िलहाल लड़की की शादी हो चुकी और वह वर्तमान में अमेरिका में है। छानबीन और पूछताछ में जुटे सूत्रों के मुताबिक उसने कई लड़कियों और लोगों को इसी तरह की एडिटेड फोटो भेजी है। फ़िलहाल प्रकरण में कोई गंभीर मामला न मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
इस बाबत एसएसपी राजकरन नय्यर का कहना है कि जल्द ही पुलिस विज्ञप्ति जारी कर विस्तार से मामले की जानकारी देगी।
ये भी पढ़ें -समाज के संचालन में वकीलों की भूमिका प्रभावी : न्यायमूर्ति राजीव सिंह
