बरेली: बजट का फेर... तीन और 13 के गणित में फंसा अंतर्राज्यीय बस अड्डा, जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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13 करोड़ का अवशेष बजट न मिलने से छह महीने से ठप पड़ा है निर्माण, तीन करोड़ से हुए काम भी हो रहे हैं बेकार

बरेली, अमृत विचार। रोडवेज की बसों की शहर में आवाजाही कम कर ट्रैफिक जाम की भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिए मिनी बाईपास पर सेंट्रल जेल के पास बनाया जा रहा अंतर्राज्यीय बस अड्डा तीन-तेरह में फंस गया है। छह महीने से 13.70 करोड़ का अवशेष बजट न मिलने से तीन करोड़ से हुए काम भी खराब होने लगे हैं। काम बंद होने की वजह से निर्माण स्थल पर झाड़ियां उग आई हैं। फिर भी न तो बस अड्डे के निर्माण का श्रेय लेने वाले जनप्रतिनिधि जाग रहे हैं न ही परिवहन विभाग के अधिकारी कोई खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

करीब 16.72 करोड़ की लागत से बस अड्डे के निर्माण की परियोजना के पीछे शहर के बीच पुराने बस अड्डे को हटाने का उद्देश्य था लेकिन बजट की कमी से छह माह से निर्माण ठप पड़ा है। निर्माण के लिए शुरू में तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। उसके बाद कोई बजट नहीं मिला।

हाल ही में वित्तमंत्री डॉ. अरुण कुमार और सांसद संतोष गंगवार ने केंद्र सरकार के नौ साल पूरे होने पर इस बस अड्डे का अपनी उपलब्धियों में जिक्र किया था लेकिन बाकी बजट दिलाने के मामले में उनकी ओर से कोई कोशिश नहीं की गई है। यह निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपी सिडको) करा रही है।

करीब 18.87 करोड़ का था एस्टीमेट, 16.72 करोड़ हुए स्वीकृत
बस अड्डे के निर्माण के लिए करीब 18.87 करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया था लेकिन शासन ने 16.72 करोड़ ही मंजूर किए। इसमें से तीन करोड़ रुपये शुरू में जारी किए गए थे। मिनी बाईपास पर उदयपुर खास के पास बस अड्डे के निर्माण के लिए केंद्रीय कारागार की 0.87333 और 0.076 हेक्टेयर भूमि परिवहन निगम को दी गई थी।

2022 तक होना था निर्माण, जून भी निकल गया
बस अड्डे का निर्माण 2022 तक हाेना था। बाद में समय बढ़ गया। मार्च 2023 तक निर्माण पूरा करने का दावा किया गया लेकिन अब जून भी गुजर चुका है। निर्माण कब तक पूरा होगा, अब इस बारे में अधिकारी भी कुछ साफ बोलने को तैयार नहीं हैं।

बस अड्डे को बताया था शहर में जाम का इलाज
पुराने बस अड्डे से दिल्ली, बदायूं, हल्द्वानी समेत कई रूटों पर बसें चलती हैं। मिनी बाईपास पर बस अड्डा बनने के बाद बसें शहर के अंदर नहीं आएंगी और वहीं से गंतव्य स्थानों के लिए रवाना होंगी। इससे शहर के अंदर रोडवेज बसों का आना-जाना कम होगा। रोडवेज के पास, पटेल चौक, बरेली कॉलेज चौराहे पर जाम की स्थिति भी सामान्य हो जाएगी।

बस अड्डे के निर्माण के लिए आया सारा बजट खर्च हो चुका है। मुख्यालय को दोबारा पत्र भेजकर बाकी बजट जारी करने को कहा है। बजट मिलने के बाद तेजी से काम कराकर निर्माण पूरा कराया जाएगा--- दीपक चौधरी, आरएम।

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