शाहजहांपुर: जानलेवा बनी बाढ़, दो मासूमों को लीला
आजाद नगर में 10 वर्षीय बच्ची की और ढाई गांव में बालक की गई जान
मिर्जापुर(शाहजहांपुर), अमृत विचार। घरों में घुसने वाला बाढ़ का पानी अब जानलेवा भी साबित होने लगा है। रविवार को दो-दो अलग-अलग स्थानों पर दो मासूमों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम ने अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों के साथ मौका मुआयना कर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए आर्थिक सहायता मुहैया कराए जाने का आश्वासन दिया है।
मिर्जापुर का आजादनगर गंगा बाढ़ से चौतरफा घिरा हुआ है। यहां के प्रभावित परिवार नगला बसोला मार्ग पर जीवन यापन कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों में आजादनगर निवासी अन्ने मियां व उनकी पत्नी खुशीमा बेगम गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर ढाई गांव में बनाए गए राहत केंद्र राशन लेने चली गईं।
बच्चों को सड़क किनारे तिरपाल तान कर बनाए घर में छोड़ गए। दोपहर करीब 1:30 बजे अन्ने मियां की चार वर्षीय पुत्री रूशीमा किसी तरह सड़क से नीचे की तरफ खिसक गई और गहरे पानी में चली गई। अन्य बच्चों को देर तक रूशीमा दिखाई नही दी, तब नीचे जाकर उसे तलाश किया। पानी में तलाश करने पर उसका शव बाढ़ के पानी में मिला।
राशन लेने गए अन्ने मियां व उनकी पत्नी खुशीमा बेगम को हादसे की जानकारी मिली तो रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। वहीं बच्ची के डूबने की खबर पर एसडीएम महेश कुमार, नायब तहसीलदार पूनम मधुकर व पंकज मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाते हुए आर्थिक सहाय़ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं रविवार सुबह करीब नौ बजे गांव ढाई निवासी लालाराम शर्मा का 10 वर्षीय बेटा ध्रुव शर्मा साथियों के साथ गंगा की बाढ़ देखने गया था।
ढाई घाट मार्ग पर गुटेटी गांव के पास डिब पर बाढ़ के पानी में बहकर ध्रुव सड़क किनारे गहराई में चला गया। ध्रुव को डूबता देख साथियों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। बच्चे के डूबने की खबर सुनकर मौजूद युवक पानी में कूद पड़े और उसे निकाला। एंबुलेंस से उसे जरियनपुर सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ध्रुव गांव के स्कूल में कक्षा चार का छात्र था।
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