शाहजहांपुर: कच्ची शराब के लिए बदनाम गांव में पुलिस पर हमला, दरोगा समेत चार घायल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

आरोपी को गिरफ्तार करने गई थी पुलिस, गांव मैनिया में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को पकड़ने गई थी पुलिस

खुटार/ शाहजहांपुर, अमृत विचार। कच्ची शराब बेचने और बनाने के लिए बदनाम गांव मैनिया में रविवार को गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर हमला बोल दिया गया। पुलिस और आरोपी पक्ष के घर में मौजूद महिलाओं से गाली-गलौज और हाथापाई हो गई। पुलिस के हत्थे आरोपी रोशन सिंह चढ़ गया, लेकिन घर की महिलाओं ने पुलिस पर हमला कर आरोपी रोशन सिंह को छुड़ा लिया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। हमले में दरोगा समेत चार सिपाही घायल हो गए।

पुलिस ने आरोपी के पिता और घर की तीन महिलाओं को पकड़कर थाने ले आई है। इसके बाद थानाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने घायल पुलिस कर्मियों का खुटार सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया है।
पुलिस पकड़ी गई महिलाओं से पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। रविवार शाम छह बजे दरोगा रामायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम कच्ची शराब के लिए बदनाम गांव मैनिया में शराब माफिया रोशन सिंह का वारंट होने की वजह से उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर दबिश देने गई थी।

दरोगा रामायण सिंह के साथ में महिला कांस्टेबल अंतिमा सिंह, सिपाही रामनरेश, जुबैर और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। यह गांव शराब बेचने और बनाने के धंधे में मशहूर है। पुलिस टीम ने शराब माफिया वारंटी रोशन सिंह के घर पहुंचकर दबिश दी। जहा रोशन को पकड़कर अपनी सरकारी गाड़ी में बैठा लिया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर ले कर चली तो आरोपी रोशन सिंह के घर की महिलाओं के साथ अन्य लोगों ने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया।

इसके बाद महिलाओं ने पुलिस गाड़ी में पकड़कर बैठाये गए वारंटी रोशन सिंह को अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया। पुलिस और आरोपी के घर की महिलाओं में हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस के हत्थे आये आरोपी को छुड़ा लिया गया और मौके से भगा दिया। पुलिस फिर से आरोपी को पकड़ने दौड़ी तो महिलाओं ने हमला बोल दिया।

इस दौरान महिलाओ ने दरोगा रामायण सिंह, सिपाही के हाथ में मुंह से काट लिया। जिससे वह घायल हो गए। पुलिस के काफी नियंत्रण के बाद आरोपी के घर की तीन महिलाओं और उसके पिता को पकड़ कर सरकारी गाड़ी में बैठा लिया और थाने में लेकर चली आई। हमले में घायल पुलिसकर्मियों ने अपना मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस अब पकड़े गए लोगों से पूछताछ करने में जुटी है। हालांकि आरोपी रोशन सिंह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस लगातार आरोपी रोशन सिंह को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।

डीएम की तरफ से की गई थी कार्रवाई
खुटार। नौ सितम्बर 2020 को तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर गांव मैनिया निवासी जीत सिंह, रोशन सिंह, देशराज सिंह, कश्मीर सिंह के खेत के चारो ओर झंडी लगाकर कुर्की करके प्रधान के सुपुर्द में दे दी गई थी। आरोपियों की साढ़े 13 एकड़ खेत की कुर्की की गई थी। जिसकी कीमत एक करोड़ 46 लाख, 45 हजार रुपये है। खेत में खड़ी धान की फसल पक जाने पर 25 अक्टूबर को पुलिस ने कंबाइन ले जाकर फसल को कटवा लिया है और सरकार के खाते में फसल को जब्त कर लिया गया है।

पहले भी पुलिस पर बोला गया था हमला, 12 पर दर्ज हुआ था केस
इससे पहले भी गांव मैनिया में कच्ची शराब बेचने और बनाने वाले आरोपी देशराज सिंह को पुलिस फोर्स पकड़ने गई थी। जिस पर आरोपी पक्ष की महिलाओं और अन्य लोगों ने पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया था। जिसमें दरोगा और सिपाही घायल हो गए थे। दरोगा की ओर से छह महिला समेत 12 लोगों को नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 4 मई 2020 की रात तत्कालीन दरोगा रतीराम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव मैनिया पहुंची थी और आरोपी देशराज को पकड़ लिया था। लेकिन परिजनों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और आरोपी को छुड़ा लिया था। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला था। हमले में दरोगा रतीराम और अन्य सिपाही घायल हो गए थे। पकड़ने के लिए की गई निजी वाहन बोलेरो में तोड़फोड़ की गई थी। पांच मई को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।

वारंटी को पकड़ने के दौरान पुलिस के साथ हाथापाई हुई है। जिसमें दरोगा समेत चार लोग घायल हुए हैं। जिनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है-ओमप्रकाश, थानाध्यक्ष खुटार।

थाने के दरोगा सहित चार लोग मेडिकल परीक्षण कराने आए थे। जिनके शरीर पर मुंह से काटने के निशान और शरीर मे बंद चोटें आई हैं। जिनका मेडिकल परीक्षण करने के बाद उन्हें दवाई दी गई है- डॉ. महेन्द्रपाल सीएचसी खुटार।

ये भी पढें- शाहजहांपुर: आत्महत्या को उकसाने के मामले में मुख्य आरोपी को भेजा जेल

संबंधित समाचार