Auraiya News : हाईटेंशन लाइन से चपेट में आकर संविदाकर्मी की मौत, परिजनों ने तीन घंटे तक नहीं उठने दिया शव

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Edited By Amrit Vichar
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औरैया में हाईटेंशन लाइन से चपेट में आकर संविदाकर्मी की मौत।

औरैया में हाईटेंशन लाइन से चपेट में आकर संविदाकर्मी की मौत। परिजनों ने तीन घंटे तक शव नहीं उठने दिया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

औरैया, अमृत विचार। शुक्रवार को एक बिजली लाइन मेन फाल्ट सुधार रहा था, तभी अचानक करंट आ जाने से वह उसकी चपेट में आ गया। हादसा होते देख लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन उसे सीएचसी में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से गुस्साएं परिजनों ने करीब तीन घंटे तक शव सीएचसी से नहीं उठने दिया। बाद में एक्सईयन के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। 

गांव नवादा महीपत शाह थाना अयाना निवासी रुस्तम सिंह (45 वर्ष) पुत्र रामजीलाल करीब 25 सालों से अयाना  विद्युत उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन कर्मचारी था। शुक्रवार को वह तिवर लालपुर फीडर के अंर्तगत असेवा गांव में हाईटेंशन लाइन में आए फाल्ट को ठीक करने गया था। केंद्र पर मौजूद कर्मी प्रशांत पोरवाल से शट डाउन लेकर संभालते समय अचानक लाइन में बिजली आने से लाइन में आए करंट की चपेट में आकर रुस्तम सिंह बिजली पोल से नीचे दूर गिरकर घायल हो गया।

आसपास मौजूद लोगों ने नीचे गिरे लाइन मेन को देखकर उसके परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे लेकर सीएचसी अजीतमल आए। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना से अक्रोशित परिजनों ने सीएचसी में हंगामा करना शुरू कर दिया और शव नहीं उठने दिया। परिजनों की मांग थी कि अधिशाषी अभियंता को मौके पर बुलाया जाए। लेकिन, अयाना उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी ने एक्सईएन के न आने और शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने की बात कही। तो परिजनों में आक्रोश पनप गया।

अजीतमल उपखंड अधिकारी अजय कुमार ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद सीएचसी अजीतमल पहुंचे एक्सईएन लेखराज सिंह ने बताया कि एक संविदाकर्मी की हुई मौत को लेकर दुख है। सहायता के रूप में सात लाख 50 हजार रूपये दिए जाने का प्रावधान है।

संबंधित विनायक इलेक्ट्रिकल्स सासनी हाथरस के ठेकेदार द्वारा त्वरित सहायता में पांच लाख रुपये मृतक के परिजन के खाते में आरटीजीएस करवाए जा रहे हैं। दो लाख 50 हजार रुपये कागजी कार्यवाही पूरी होने तक खाते में डलवाए जायेंगे। वहीं विभाग की ओर से निर्धारित आर्थिक मदद भी दिलवाए जाने की कार्यवाही की जायेगी।

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