Banda News : मूसलाधार बारिश से खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी केन नदी, चार दिन की बारिश से मचा त्राहिमाम
बांदा में मूसलाधार बारिश से खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी केन नदी।
बांदा में मूसलाधार बारिश से खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी केन नदी। चार दिन की बारिश में त्राहिमाम मचा रहा।
बांदा, अमृत विचार। कहां तो बुंदेली एक-एक बूंद पानी को तरस रहे थे। किसान रूठे इंद्र से बारिश की गुहार लगा रहे थे और अब चार ही दिन की बारिश में लोग त्राहिमाम करने लगे। हालात यह हैं कि घाटियों में मूसलाधार बारिश होने से केन नदी उफान पर है। शनिवार को केन नदी खतरे का निशान पर कर ऊपर बहने लगी। वहीं यमुना अषाढ़ मास में एक सप्ताह की बारिश के बाद एकदम विराम लग गया था।
सावन का पहला महीना एकदम खाली गया। जुलाई माह में बेहतर बारिश न होने से जायद की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई, जिससे किसानों के चेहरे पीले पड़ने लगे थे। जुलाई माह के अंत में किसानों ने बारिश की आस छोड़ दी थी। यहां तक कि किसान संगठनों ने आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल से बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तक कर डाली, लेकिन दूसरे ही दिन पहली अगस्त से मौसम ने एकबारगी करवट ली और मानसून एक बार फिर लौट आया।
लगातार चार दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से ही शहर और देहात क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हालात यह हैं कि घाटियों में मूसलाधार बारिश होने से केन नदी उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को केन नदी ने खतरे का निशान पार करते हुए दोपहर दो बजे 104.77 मीटर में पहुंच गई है।
वहीं यमुना 93.11 में मीटर तक पहुंच गई है। दोनों नदियों में 5 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अचानक आई बाढ़ से सेल्फी लेने वालों का जमावड़ा लग रहा है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करवाकर सभी को अलर्ट कर दिया है।
