Mahoba: 40 गांव की बिजली गुल, ग्रामीणों में आक्रोश, तीन दिन की कटौती से परेशान, बोले- सबस्टेशन का करेंगे घेराव

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Edited By Amrit Vichar
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महोबा में 40 गांव की बिजली गुल।

महोबा में 40 गांव की बिजली गुल होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। बारिश के मौसम में कीड़े मकोड़ों का डर भी ग्रामीणों को अंधेरे में सताता रहा। बिजली न आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही।

महोबा, अमृत विचार। विकासखंड पनवाड़ी के ग्रामीण अंचलों में 36 घंटे बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हुई, जिससे रविवार को भी ग्रामीण अंचल अंधेरे में डूबे रहे। बारिश के मौसम में कीड़े मकोड़ों का डर भी ग्रामीणों को अंधेरे में सताता रहा। बिजली न आने से जहां पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही, वहीं ग्रामीणों के मोबाइल भी चार्ज नहीं हुए।

मोबाइल चार्ज करने के लिए ग्रामीण इधर उधर गांव में जाकर मोबाइल चार्ज करने में जुटे रहे। तीन दिनों से बिजली से परेशान ग्रामीणों में खासा आक्रोश पनप रहा है। वहीं, लोगों का कहना है कि बिजली नहीं आने के कारण वह जल्द ही सबस्टेशन का घेराव करेंगे।

मालूम हो कि शुक्रवार की शाम को तेज बारिश और हवाओं के चलने से बिजली के खंभे और तार जगह जगह टूटकर गिर जाने से पनवाड़ी ब्लाक के करीब 40 गांव की बत्ती गुल हो गई थी, लेकिन बारिश रविवार को जारी रही। सारा दिन बारिश होने के कारण बिजली विभाग के कर्मचारी बिजली लाइन दुरुस्त नहीं कर सके, जिससे 36 घंटे गुजर जाने के बाद भी ग्रामीण अंचलों में बिजली को लेकर हाय तौबा मची हुई है। बिजली न आने से लोग मच्छरों से खासा परेशान हैं। मच्छरों ने ग्रामीणों की रातो की नींद हराम कर दी है।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने कस्बा पनवाड़ी में अलग फीडर से लाइन जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है,जबकि पनवाड़ी ब्लाक के लिधौरा, छतेसर, मसूदपुरा, आफतपुरा, स्योढ़ी, सलैया, नेकपुरा सहित करीब 40 गांव आज भी बिजली समस्या से जूझ रहे हैं। बढ़ते बिजली के संकट के चलते ग्रामीणों की रातें काटे नहीं कट रहीं हैं। बिजली समस्या के चलते पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई है, जिससे ग्रामीण हैंडपंपों और कुओं से पानी भरने को मजबूर हैं।

आटा पिसाने के साथ मोबाइल कर रहे चार्ज

दो दिन से बिजली समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को आटा पिसाने के लिए दूर दराज के गांव का सहारा लेना पड़ रहा है। कारण, बिजली व्यवस्था धड़ाम होने से आटा चक्कियों में ताला लटक रहे हैं। जनरेटरों से चक्कियां चलाकर आटा पीसने वाले चक्की मालिक पिसाई के नाम पर डेढ़ गुना कीमत वसूल रहे है। ग्रामीण चक्की में आटा पिसाने के लिए जाते समय अपना मोबाइल भी साथ लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे चक्की में आटा पिसाने वाले कम और मोबाइल चार्ज करने वालों की अधिक भीड़ जुट रही है।

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