पीलीभीत: दूसरे समुदाय के लोगों ने लगाई प्रसाद की दुकान...फिर क्या हुआ जानें
पीलीभीत/ पूरनपुर, अमृत विचार। सावन के पांचवे सोमवार को सकुशल संपन्न कराने के दावों की इस बार भी पोल खुल गई। एक शिवालय में धार्मिक स्थल पर दूसरे समुदाय के तीन लोगों के प्रसाद की दुकान लगाने को लेकर किसी ने विरोध कर दिया। जिसके बाद बताते है कि मारपीट की गई और हंगामा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी दुकानों को हटवाकर मामला शांत कराया।
बता दें कि पूरनपुर तहसील के सेहरामऊ उतरी क्षेत्र के त्रेता नाथ मंदिर पर सुबह से ही शिव भक्तों की भीड़ लगी थी। इसी बीच आरोप है कि वहां लगी प्रसाद की दुकानों में से तीन दुकानें गैर समुदाय के लोग लगाए थे। इसे लेकर एक जनप्रतिनिधि के कथित समर्थक पहुंचे और विरोध कर दिया। इसके बाद मारपीट करने की भी चर्चाएं है। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत कराया। तीन लोगों को हिरासत लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
इसके अलावा पुलिस ने सभी दुकानें भी हटवा दी। जिससे मामला किसी तरह शांत हुआ। इसके अलावा पूरनपुर तक निकाली गई बाइक यात्रा में अवैध असलाह लहराने के भी आरोप लगे। यह मामला शेरपुर के आसपास का बताया गया। इसमें भी एक युवक कोतवाल पूरनपुर आशुतोष रघुवंशी की माने तो हिरासत में लिया है। मगर तमंचा बरामद नहीं हो सका है। इन दोनो मामलों को लेकर सोशल मीडिया तक खलबली मची रही। मगर एसपी तक अनभिज्ञ रहे। जिसने संजीदगी के दावों पर सवाल उठा दिए।
त्रेतानाथ मंदिर का मामला संज्ञान में आया था। वहां पर सभी प्रसाद बेचने वाले एक ही समुदाय के थे। इसकी सूचना मिलने के बाद सभी को हटवा दिया गया। किसी तरह का तनाव नहीं है - आलोक सिंह, सीओ पूरनपुर।
