शाहजहांपुर: जिले की चार नदियां उफान पर, गांव के साथ-साथ शहर में भी बढ़ी चिंता
मिर्जापुर में गंगा और रामगंगा हुई विकराल, घरों में घुसा गंगा की बाढ़ का पानी, छतों पर शरण लिए हैं लोग, खाने-पीने के पड़ने लगे लाले, शहर में गर्रा और खन्नौत आई उफान पर
शाहजहांपुर/ मिर्जापुर, अमृत विचार: मिर्जापुर क्षेत्र के गांवों के साथ-साथ अब महानगर की कुछ कालोनी में भी बाढ़ की दहशत दिखाई देने लगी है। बाढ़ का पानी कॉलोनी में घुसने की आशंका में लोग चिंता में डूबे हैं। जिले की चार नदियों रविवार को उफान पर आ गईं।
महानगर को दोनों ओर से घेरने वाली गर्रा और खन्नौत दोनों नदियों में रविवार को पानी बढ़ गया। दूसरी ओर मिर्जापुर में गंगा और रामगंगा विकराल हो गई है। बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोग छतों पर शरण लिए हुए हैं। राशन और ईंधन की कमी के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने बैठक कर बाढ़ से निपटने की योजना पर विचार किया है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आ सके हैं। मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा व रामगंगा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गंगा की बाढ़ ने एक दर्जन से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। घरों में पानी भरा होने के चलते लोग छतों पर शरण लिए हुए हैं। शमशाबाद विधूना स्टेट हाईवे पर आवागमन बंद है।
वहीं आधा दर्जन से अधिक गांवों का भी सीधा सम्पर्क कटा हुआ है। रामगंगा भी पूरे उफान पर है, उसका पानी आबादी की तरफ बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती गांव के लोग दहशत में हैं। गंगा की बाढ़ ती तबाही थमने का नाम नहीं ले रही है। चारो तरफ बाढ़ ही बाढ़ दिखाई दे रही है। क्षेत्र के पैलानी, लोहारनगला, कटैलानगला, पंखियानगला, बटननगला, मोतीनगला, अबिचारपुर, बांसखेड़ा, भरतपुर, महोलिया, मोहकमपुर, आजादनगर समेत तमाम गांव गंगा की बाढ़ से घिरे हुए हैं।
घरों में पानी भरा होने के चलते लोग मकानों की छतों पर शरण लिए हुए हैं। गांवों के सम्पर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। लोग नाव से ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक आ जा पा रहे हैं। झोपड़ी में रह रहे लोग पानी के बीच रहने को विवश हैं। पैलानी के लोग लगातार बाढ़ से घिरे रहने के बाद भी राहत किट की बाट जोह रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्र में अभी तक राहत पहुंचाने में नाकाम रहा है।
खाने पीने के सामान व ईंधन की काफी किल्लत है। छतों पर चूल्हा जलाने के लिए कंडे व लकड़ी नहीं मिल पा रही है। वहीं रामगंगा भी विकराल रूप लिए हुए है। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से उसका पानी फरूखाबाद, मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर जरियनपुर गांव के पास पुलिया से निकलने लगा है। नदी का पानी तेजी से बढ़ता हुआ अटा गांव से होते हुए कुनिया तक पहुंच गया है। फिलहाल पानी खेतों में भरने लगा है।
इसी तरह नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द आबादी में प्रवेश कर जाएगा। रामगंगा के आक्रोश की जद मे पहरूआ स्थित रंगेश्वर महादेव मन्दिर भी आ गया है। मन्दिर के पास कटान होने से मन्दिर के साथ गांव के आस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। एसडीएम महेश कुमार व तहसीलदार पैगाम हैदर ने गंगा की बाढ़ से प्रभावित भरतपुर गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुन जल्द निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
0.04 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर: गंगा नदी का कछला गेज स्थल पर 0.04 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा, इसी तरह ढाईघाट तटबंध पर गंगा का जलस्तर 0.05 बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। गर्रा नदी का जलस्तर अजीजगंज पुल पर 0.1 और खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 0.05 सेंटीमीटर बढ़ा। जबकि राम गंगा का जलस्तर चौबारी घाट गेट स्थल पर 0.08 सेंटीमीटर घट गया। नरोरा बैराज से गंगा नदी में 204830 क्यूसेक पानी एक बार में व 4230 क्यूसेक पानी दूसरी बार में छोड़ा गया। रामगंगा नदी में विभिन्न बैराज से 27600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि गर्रा नदी में 6269 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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