रायबरेली : पुलिस का रिपोर्ट कार्ड कागज पर पूरी तरह फिट
रायबरेली, अमृत विचार। रायबरेली पुलिस का जनवरी से लेकर अगस्त तक का रिपोर्ट कार्ड सामने आया है। इस दौरान मिशन शक्ति, चौपाल, अभियान तथा विभिन्न ऑपरेशन का जिक्र किया गया। क्राइम रिकार्ड की बात की जाए तो जिले में क्राइम का ग्राफ बहुत अधिक नहीं है लेकिन थानों पर फरियादियों की अनसुनी हो रही है। वहीं लेन-देन कर मामला सुलटाने का रवैय्या बदला नहीं है। मिशन शक्ति की बात की जाए तो यह मिशन कागज पर बहुत तेजी से दौड़ा है। वहीं यातायात नियमों में चालान काटने में पुलिस ने अपना कोटा पूरा किया है। सड़क पर अभी भी डग्गामार वाहन और भार वाहन मानक से अधिक माल लोडकर चल रहे हैं। जिन पर कार्रवाई नहीं की गई है।
बात सबसे पहले मिशन शक्ति की करते हैं तो पुलिस की रिकार्ड बुक में जनवरी से लेकर अब तक मिशन शक्ति विशेष अभियान कार्यक्रम के तहत समस्त गांवों की 151 बीट में 302 एंटी रोमियो टीम व महिला बीट अधिकारी द्वारा प्रतिदिन चौपाल लगाकर महिला अपराध संबंधी समस्याओं व शिकायतों का निस्तारण कर रही हैं। हकीकत की बात की जाए तो मिशन शक्ति को लेकर जो नियम बनाए गए हैं उन पर अभियान खरा नहीं है। स्कूल और कॉलेजों के बाहर एंटी रोमियो दस्ता कभी कभार ही दिखता है। गांवों में चौपाल लगती है तो पंपलेट बांटकर और हेल्पलाइन नंबरों तक की ही जानकारी दी जाती है। इसी का नतीजा है कि संपूर्ण समाधान दिवस के साथ एसपी के सामने हर दिन महिलाओं की समस्याएं आती हैं। जो चौपाल का आयोजन किया गया उसमें 1718 प्रार्थना पत्रों का शत-प्रतिशत निस्तारण कराया गया। सवाल यह है कि जब सभी समस्याओं का निस्तारण हो चुका है कि फिर आईजी स्तर से लंबित मामलों को लेकर क्यों ताकीद कराया जाता है।
पुलिस फाइल बताती है कि जनपद के 1844 गांवों में 7228 चौपालों का आयोजन किया गया जिसमें 99519 महिलाओं-बालिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया लेकिन कितनी बालिकाओं और महिलाओं की समस्या का निस्तारण किया गया इस पर सवाल है। वहीं जनपद की 1429 महिलाओं व बालिकाओं द्वारा सरकारी योजनाओं हेतु आवेदन किया गया जिसमें 732 महिलाओं व बालिकाओं को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराया गया है। चौपालों के आयोजन के दौरान 151 व्हाटसएप ग्रुप बनाकर 7500 महिलाओं व बालिकाओं को जोड़ा गया है । एण्टी रोमियो टीम व महिला बीट अधिकारी द्वारा 17628 महिलाओं व बालिकाओं की समस्याओं तथा शिकायतों का संज्ञान लिया गया जिसमें कितने शोहदों पर कानूनी कार्रवाई की गई इस पर कोई रिपोर्ट नहीं है। जनपद के समस्त थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर 11087 शिकायतें प्राप्त हुयी जिनमें से 11082 शिकायतों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण कराते हुये 345 अभियोग पंजीकृत किये गए। यह आंकड़े खुद बता रहे हैं कि अधिकतर मामले केवल सुलटा दिए गए। जो फिर मुसीबत बनने के लिए तैयार रहेंगे।
ऑपरेशन कन्विक्शन के अन्तर्गत मॉनिटरिंग सेल रायबरेली द्वारा 250 अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर 266 व्यक्तियों को सजा दिलायी है । जिसमें 66 व्यक्ति महिला संबंधी अपराधों में दण्डित किये गये है । ऑपरेशन दृष्टि के तहत 5000 सीसीटीवी कैमरे लगवाये जा रहे हैं। सवाल यह है कि सीसीटीवी तो लग रहे हैं लेकिन मॉनीटिरिंग कैसे होगी। शहर सहित जिले के कई हिस्सों में पहले भी सीसीटीवी लग चुके हैं लेकिन वह कारगर नहीं हो सके थे। अवैध शराब के विरुद्ध जनपद के समस्त थानों द्वारा प्रभावी कार्यवाही कर 18498 लीटर अवैध शराब बरामद कर 192 शराब बनाने की भट्ठी नष्ट की गयी । इस संबंध में 1240 अभियोग पंजीकृत कर 1282 व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गयी है लेकिन अवैध शराब अभी भी शिवगढ़, महराजगंज, सतांव , सरेनी और कटरी के क्षेत्रों में बन रही है।
यातायात व्यवस्थापन में यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के अन्तर्गत 107204 वाहनों का नियमानुसार चालान कर 12443350 रूपये शमन शुल्क वसूल किया गया। वहीं इसके बाद भी सड़क पर डग्गामार और भारी वाहनों की अराजकता चल रही है। ऑपरेशन पाताल के अन्तर्गत अवैध शस्त्रों के विरूद्ध जनपद के समस्त थानों द्वारा प्रभावी कार्यवाही कर 145 अवैध शस्त्र (देशी तमन्चा व पिस्टल), 174 कारतूस व 177 अन्य धारदार हथियार बरामद कर 314 अभियोग पंजीकृत कर 343 व्यक्तियों के विरूद्ध विधिक कार्रवाई की गयी । ऑपरेशन मुस्कान के अन्तर्गत जनपद के समस्त थानों द्वारा कुल 137 लड़कियों/महिलाओं को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया । गरूण वाहिनी की 23 टीमें गठित कर जनपद के समस्त थानाक्षेत्रों में प्रभावी मोबाइल/स्टैटिक चेकिंग करायी जाती है । वहीं जनपद की 22 अन्तर्जनपदीय सीमाओं को चिन्हित किया गया है तथा पुलिस बल की ड्यूटी लगाकर सीसीटीवी कैमरें व प्रर्याप्त रोशनी व्यवस्था कर 24 घंटे लगातार प्रभावी चेकिंग की जा रहा है। इस व्यवस्था ने रायबरेली पुलिस को कुछ अलग किया है। यह व्यवस्था अपराधियों पर नकेल कसने में सटीक मानी जा रही।
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