लखनऊ : स्वतंत्रता दिवस पर बोल एसजीपीजीआई के निदेशक, कहा- कैडेवेरिक अंगदान करने वाले परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में आज देश का 77 वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और उमंग  के साथ मनाया गया। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने परंपरागत तरीके से ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद उपस्थित संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को स्वाधीनता दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सदैव याद दिलाता है कि "Nation is the first."राष्ट्र सर्वोपरि व सर्वप्रथम है। हमारा हर कार्य राष्ट्रहित और राष्ट्र की उन्नति के तरफ होना चाहिए। यह दिवस हमें संस्थान की 1 साल में  हुई प्रगति को याद करने और आगे आने वाले विकास कार्यों को भी बताने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने संस्थान मे अनेक नये प्रोजेक्ट को पूर्ण करने के लिए संस्थान परिवार के हर सदस्य के योगदान की प्रशंसा की और और उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया । 

इस अवसर पर निदेशक प्रो.आरके धीमन ने पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया, जिसमें रोगी सेवा, शोध और शिक्षण तीनों स्तंभों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी उपलब्धि मेडिकल, पैरामेडिकल, ट्यूटर इत्यादि कैडर में नई भर्तियों के लिए नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करने का कार्य था, जो पूर्ण किया जा रहा है। संवर्ग पुनर्गठन में भी कई प्रयासों के बाद सफलता मिली। इमरजैंसी मेडिसिन और गुर्दा प्रत्यारोपण केंद्र के विषय में उन्होंने कहा कि इमरजेंसी बेड में 7 गुनी बढ़ोतरी से आकस्मिक सेवाओं में सुधार होगा। अभी इमेरजेन्सी  60 बेड के साथ कार्य कर रहा है। नयी भर्तियो के होते ही यह पूर्णतया कार्य करने लगेगा। 

उन्होंने एडवांस पीडियाटिक सेंटर का भी उल्लेख किया। इस एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में 23 विभाग होंगे, जिसमें 125 संकाय सदस्य और 185 सीनियर रेजिडेंट की भी नियुक्ति की जाएगी। इस प्रकार बच्चों के लिए एक समानांतर अस्पताल होगा, जिसमें उनसे संबंधित सभी बीमारियों के लिए एक ही केंद्र होगा। इस दिशा में अथक प्रयासों के लिए निदेशक ने प्रोफेसर विजयलक्ष्मी भाटिया को धन्यवाद दिया। हब और स्पोक मॉडल पर आधारित टेली आई सी यू के विषय में भी उन्होंने कहा कि पीजीआई और उत्तर प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेजो के बीच में 200 बेड्स का टेली ICU भी एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने अंगदान कार्यक्रम को गति देने पर बल दिया। पीजीआई, चण्डीगढ़ की ही तरह संजय गांधी पीजीआई मे भी कैडेवेरिक अंगदान को बढ़ाने के लिए रोगी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में भर्ती किसी रोगी की मृत्यु हो जाती है और उसके परिवारजन उसके अंगदान के लिए तैयार होते हैं, तो उस समय तक संस्थान में रोगी की चिकित्सा में जितना व्यय हुआ है, उसे माफ कर दिया जायेगा। 

उन्होंने सलोनी हार्ट फाउंडेशन के विषय मे भी जानकारी दी, जिसके आने से पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सकेगी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। स्टाफ द्वारा देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर संस्थान के  कर्मठ सदस्यों को उनके उत्कृष्ट व उत्तम कार्य निष्पादन के लिए निदेशक द्वारा सम्मानित किया गया।

सम्मानित सदस्यों के नाम

पहले सदस्य

दूसरे सदस्य

तीसरे सदस्य

 

इस दौरान संस्थान परिसर में कम्युनिटी सेंटर और पीजीआई क्रिकेट स्टेडियम में वृक्षारोपण भी किया गया, जिसमें आम, जामुन और नीम के लगभग 40 पौधे लगाए गए। इस अवसर पर संस्थान के डीन प्रो. एसपी अंबेश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो संजय धिराज , चिकित्सा अधीक्षक प्रो वीके पालीवाल, संस्थान के संयुक्त निदेशक (प्रशासन ) प्रोफेसर रजनीश कुमार सिंह व अन्य संकाय सदस्य व वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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