बरेली: 800 कैमरों से होगी शहर की सुरक्षा निगरानी
बरेली,अमृत विचार। 180 करोड़ के टेंडर को लेकर विवादों से घिरे स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की कवायद तेज कर दी गई है। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बुधवार को नगर निगम परिसर में 19 करोड़ रुपये से बन रहे भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, मुख्य …
बरेली,अमृत विचार। 180 करोड़ के टेंडर को लेकर विवादों से घिरे स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की कवायद तेज कर दी गई है। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बुधवार को नगर निगम परिसर में 19 करोड़ रुपये से बन रहे भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, मुख्य अभियंता संजय कुमार सिंह और आर्किटेक्ट से भवन निर्माण के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी ली। कार्य को दो माह के भीतर पूरा कर का आदेश दिया। इसी भवन में स्थापित होने वाले आई ट्रिपल सी से शहर की निगरानी की जाएगी।
बहुत जल्द नगर निगम के निर्माणाधीन भवन में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट आई ट्रिपल सी के कार्यालय निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माणाधीन भवन के ऊपरी हिस्से में आई ट्रिपल सी के लिए सेंटर तैयार किया जा रहा है। मंडलायुक्त ने बताया कि भवन के सबसे ऊपर आगे की दीवार पर वेंटिलेटर नहीं है।
शौचालय को देखा गया। निर्माणाधीन भवन की दीवार मोटी थी, इतनी मोटी दीवार पिलर वाले भवनों में नहीं होती। मंडलायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम, डाटा सेंटर बनना है। उसके लिए भवन का निरीक्षण किया है।
कंट्रोल रूम और नगर निगम का प्रवेश द्वार अलग होगा। अगर भवन निर्माण में धन की कमी आई तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से बजट दिया जाएगा। इसे नवम्बर से पहले बन जाने की संभावना है। आई ट्रिपल सी प्रोजेक्ट का कार्य अमेरिका की हनीवेल कंपनी को दिया गया है।
ट्रिपल सी के तहत होंगे ये काम
180 करोड़ के बजट से होगा काम
800 कैमरें लगेंगे शहर में
25 प्रमुख चौराहों पर सांउड सिस्टम लगेंगे
नगर निगम के नए भवन में कमांड सेंटर होगा स्थापित
पुलिस को फायदा
सड़क पर होने वाली सारी गतिविधियों कैमरे में कैद होंगी। इसका डेटा वीडियो सहित तीन माह तक स्टोर होगा। इससे कोई भी वारदात होने पर पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सफल हो सकेगी। इस सिस्टम के लगने से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
यह होगी सुविधा
कंट्रोल सेंटर से लाइव वीडियो देखकर जरूरी सेवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। एक तरह से कमांड सेंटर शहर प्रबंधन का केंद्र होगा। जो नए भवन में तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। इसमें ट्रैफिक प्रबंधन, सालिडवेस्ट मैनेजमेंट, पुलिस ट्रैकिंग सिस्टम, ग्रीन भवन, पैदल मार्ग, एकीकृत शहरी विकास, जीआईसी मैपिंग, मौसम के बारे में जानकारी, डिजास्टर, परिवहन के सुचारू रूप से प्रबंध की सुविधा होगी।
निरीक्षण में नहीं रहे मेयर
आई ट्रिपल सी की निविदा को लेकर मेयर डा. उमेश गौतम ने मुख्यमंत्री से गड़बड़ी की शिकायत की थी। उन्होंने निविदा प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए प्रजेंटेशन में न बुलाने पर नाराजगी जताई थी। आरोप था कि मानमाने तरीके से टेंडर दिया जा रहा है। इसे निरस्त कर जांच कराई जाएं। बुधवार को मंडलायुक्त जब निरीक्षण के लिए पहुंचे तो मेयर उनके साथ नहीं रहे। मंडलायुक्त के जाने के बाद मेयर अपने कार्यालय में पहुंचे। इसको लेकर नगर निगम में चर्चा होती रही। जबकि दूसरी तरफ मंडलायुक्त ने कहा कि हमें आई ट्रिपल सी के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। सेंटर की स्थापना जल्द से जल्द हो जाए, इसके लिए निरीक्षण किया है। अगर भवन में बजट कम पड़ेगा तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से दिया जाएगा।
