बरेली: कोरोना काल में बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे अभिभावक
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी के चलते स्कूलों को अब आंशिक तौर पर खोलने की अनुमति भले ही दे दी गई हो। लेकिन अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजकर खतरा लेने के मूड में नहीं है। अभिभावकों में कोरोना संक्रमण को लेकर डर बैठा हुआ है। अधिकांश अभिभावकों का कहना है कि वह बच्चों को स्कूल …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी के चलते स्कूलों को अब आंशिक तौर पर खोलने की अनुमति भले ही दे दी गई हो। लेकिन अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजकर खतरा लेने के मूड में नहीं है। अभिभावकों में कोरोना संक्रमण को लेकर डर बैठा हुआ है। अधिकांश अभिभावकों का कहना है कि वह बच्चों को स्कूल भेजकर उनकी और परिवार की जान खतरे में नहीं डाल सकते हैं।
वहीं स्कूल भी छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। वहीं केंद्र सरकार का आदेश मिलते ही स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी है। अभिभावकों की अनुमति लेने के लिए स्कूलों से ई-फार्म भेजे जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से स्कूलों को कुछ शर्तों के साथ कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल खोलने को कहा है। यह भी आदेश जारी किया है कि कोई भी स्कूल बच्चों को बुलाने के लिए दबाव नहीं बनाएगा। जिस छात्र-छात्रा का मन होगा वह अपने अभिभावकों की अनुमति लेने के बाद ही स्कूल में आ सकता है।
अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूलों की तरफ से ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं तो स्कूल में भेजने की आवश्यकता क्या है। वहीं बच्चों का भी यही कहना है कि स्कूल में कितनी भी सतर्कता क्यों न बरत ली जाएं मगर किस छात्र में संक्रमण पनप रहा है इसकी पुष्टि कौन करेगा। इससे खतरा बढ़ने की आशंका है।
अनुमति लेने के लिए भेजे जा रहे ई-फार्म
इंडिपेंडेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोरा का कहना है कि गाइड लाइन के अनुसार उन्होंने स्कूल खोलने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभिभावकों से मंजूरी मांगी जा रही है। इसके लिए स्कूलों ने एक ई-फार्म तैयार किया है। जिसे भेजकर अभिभावकों से हां और न में जबाव मांगा जा रहा है।
“शासन से स्कूल को आंशिक तौर पर खोलने की अनुमति मिली है। तैयारियां शुरू करवा दी गई है। जैसे-जैसे गाइड लाइन मिलती रहेगी विभाग की ओर से उसी तरह काम होता रहेगा।”- – डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस
