सीडब्ल्यूसी- 50 फीसदी युवा चेहरे आगे करने का वादा भूली कांग्रेस
सचिन पायलट, गौरव गोगोई व कमलेश्वरम पटेल ही 50 की आयु से नीचे, प्रियंका गांधी को यूपी प्रभारी की जिम्मेदारियों से मुक्त करने के संकेत
महेश शर्मा, अमृत विचार/ कानपुर। दस महीने बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 39 सदस्यीय सीडब्ल्यूसी (कांग्रेस कार्य समिति) घोषित कर दी है। इस कमेटी में तीन नेता सचिन पायलट, गौरव गोगोई और कमलेश्वर पटेल की आयु 50 वर्ष से कम हैं। उदयपुर में हुए चिंतन शिविर और रायपुर में पार्टी के महाधिवेशन में संगठन में सभी लेवल में 50 फीसद चेहरे युवा रखने का फार्मूला पार्टी का बूढ़ा नेतृत्व भूल गया है।
वर्किंग कमेटी से तो यही लगता है। दूसरी तरफ प्रियंका गांधी को शामिल करके पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रभारी पद से मुक्त रखने के साफ संकेत दिए हैं। वह 2024 के चुनाव में पार्टी की स्टार प्रचारकों में से एक होंगी। सीडब्ल्यूसी में 39 सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य, 13 विशेष आमंत्रित सदस्य और चार पदेन सदस्यों को शामिल किया गया है।
राजस्थान चुनाव से पहले सचिन पायलट को सीडब्ल्यूसी में शामिल करके उनका अशोक गहलौत के प्रति गुस्सा शांत करने की कोशिश की गयी। पायलट 2020 से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत से नाराज चल रहे हैं। बगावती बिगुल फूंककर कांग्रेस के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी थी। इसी वजह से उन्हें डिप्टी सीएम और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
यही नहीं ग्रुप 23 के उन दो नेताओं आनंद शर्मा और शशि थरूर को स्थान दिया गया जिनने तत्कालीन पार्टी हेड सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठन से जुड़े मुद्दों को उठाया था। थरूर तो गांधी परिवार के पसंदीदा अध्यक्ष पद प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। हालांकि वह हार गए थे पर उन्हें उस सीडब्ल्यूसी में स्थान दिया गया जिसे कांग्रेस अध्यक्ष को भी हटाने का अधिकार है।
दूसरे यह कि इस सीडब्ल्यूसी में युवा चेहरे कम ही नजर आ रहे हैं। जो युवा नेताओं को बढ़ावा देने की पार्टी की योजना के ठीक उलट है। स्थायी आमंत्रित सदस्यों में मणिकम टैगोर (48), दीपेंद्र हुड्डा (45), मीनाक्षी नटराजन (50) और कन्हैयाकुमार (36) साल के हैं। विशेष आमंत्रि में सात युवा हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी पूर्व विधायक भूधरनारायण मिश्रा कहते हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा युवाओं के समायोजन की उम्मीद थी।
हालांकि इसे अनुभव और 55 वर्ष तक की आयु के नेताओं के बीच संतुलन की बात कही जा रही है। 2023 के शुरुआत में महासचिव (संगठन) वेणुगोपाल ने कहा था कि सीडब्ल्यूसी में आधे चेहरे युवा दिखेंगे जिनकी उम्र 50 से कम होगी। पर ऐसा नहीं हुआ। तीन नेता 50 से काम हैं। प्रियंका को लेकर पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि वह यूपी की प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक् की जा सकती हैं।
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