गोंडा: परसपुर कस्तूरबा स्कूल की वार्डेन समेत चार पर एफआईआर, जानें मामला
गोंडा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने सोमवार की देर रात परसपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण में विद्यालय में 100 छात्राओं के नामांकन के सापेक्ष सिर्फ 11 छात्राएं ही मौजूद मिली। उपस्थिति पंजिका व आवागमन पंजिका अधूरी पाई गई।
इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए वार्डन को फटकार लगाई और बीएसए को लापरवाह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने स्कूल की वार्डेन, दो शिक्षिकाओं व दो गेटमैन के खिलाफ परसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
परसपुर में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की अव्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा सोमवार की रात 9 बजे अचानक कस्तूरबा स्कूल पहुंच गयी। उन्होने स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं से पठन पाठन व स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। डीएम के निरीक्षण में स्कूल में अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। स्कूल में 100 छात्राओं का नामांकन बताया गया लेकिन मौके पर सिर्फ 11 छात्राएं ही मौजूद मिली।
डीएम ने उपस्थिति पंजिका की पड़ताल की तो उसमें पिछले कई दिनों से छात्राओं की उपस्थिति नहीं पाई गयी। कक्षा सात व आठ के छात्राओं की उपस्थिति 17 अगस्त से रजिस्टर पर नहीं दर्ज मिली जबकि पोर्टल पर वार्डेन ने सभी की फर्जी उपस्थिति दिखाते हुए उसके सापेक्ष धनराशि का समायोजन कर लिया गया। स्कूल का आगंतुक रजिस्टर भी अधूरा मिला।
बालिकाओं की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार व गार्ड नदारद मिले। इस पर डीएम ने स्कूल की वार्डेन सरिता सिंह को फटकार लगाते हुए बीएसए प्रेमचंद यादव व बालिका शिक्षा जिला समन्वयक रक्क्षांदा सिंह को मौके पर बुला लिया। रात में दोनों अधिकारियों को जांच कर एफआईआर के आदेश दिए गए।
बीएसए व डीसी बालिका की जांच में स्कूल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता तथा वार्डेन व शिक्षकों का लापरवाही पाई गयी। डीएम के आदेश पर डीसी बालिका रक्क्षांदा सिंह ने स्कूल की वार्डेन सरिता सिंह ,पूर्णकालिक शिक्षिका सुषमा पाल, चौकीदार विष्णु प्रताप सिंह व पीआरडी जवान दिलीप कुमार मिश्र के खिलाफ परसपुर थाने में विश्वास के आपराधिक हनन का केस दर्ज कराया है।
वार्डेन ने डीएम को नहीं दी सही जानकारी
अमृत विचार: कस्तूरबा स्कूल की वार्डन सरिता सिंह ने जिलाधिकारी को छात्राओं के उपस्थिति की सही जानकारी नहीं दी। वार्डेन ने डीएम को बताया कि स्कूल से गैरहाजिर छात्राएं 21 अगस्त को अपने घर गई हैं लेकिन जब रजिस्टर से मिलान किया गया तो पता चला कि सभी छात्राएं 19 अगस्त को ही स्कूल से चली गई थी। डीसी बालिका ने जब बालिकाओं के परिजनों से फोन पर संपर्क साधा तो अभिभावकों ने भी 19 अगस्त को ही बेटियों के घर आने की पुष्टि की।
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