देवांश लॉज पर कब्जे का मामला: जांच में सही नहीं पाई गई सदर विधायक की शिकायत, एसडीएम ने दी रिपोर्ट 

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Edited By Amrit Vichar
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कासगंज, अमृत विचार। कासगंज शहर की सबसे अधिक विवादित संपत्ति देवांश लाज का मामला एक बार फिर से नया मोड़  लेकर तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। सदर विधायक द्वारा मुख्यमंत्री से की गई शिकायत को एसडीएम द्वारा कराई गई जांच में सही नहीं पाया गया है। इसको लेकर विधायक के तेवर भी तल्ख हो गए हैं। एसडीएम की रिपोर्ट में देवांश लाज की गाटा संख्या 38 की जमीन जिसे विधायक द्वारा राजकीय संपत्ति होने का दावा करते हुए शिकायत की गई थी उसे गैर राजकीय संपत्ति माना गया है। विधायक ने इस जांच रिपोर्ट पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 

शहर के नदरई गेट क्षेत्र की देवांश लाज संपत्ति पिछले दिनों से काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां सदर लेखपाल पर अपनी पत्नी के नाम संपत्ति के एक हिस्से का एग्रीमेंट कराने आरोप लगा। जबकि इस संपत्ति के लिए अलग-अलग मालिकानों ने अपनी लड़ाई आगे बढ़ाई। इस बीच भाजपा से सदर विधायक देवेंद्र राजपूत को जब शिकायत मिली तो उन्होंने भी मामले में जांच के लिए पत्र लिखा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की शिकायत की। 

इस संपत्ति की गाटा संख्या 38 को विधायक ने राजकीय संपत्ति बताया और उसके प्रमाण भी अपनी शिकायत में दिए। मामले में डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार से जांच कराई और फिर डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार विधायक द्वारा की गई शिकायत सही नहीं पाई गई है और स्पष्ट किया गया है कि गाटा संख्या 38 की संपत्ति राजकीय संपत्ति नहीं है। जब इस मामले की जानकारी विधायक को हुई है तो उन्होंने एसडीएम की रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्पष्ट कर दिया है कि मामला फिर से मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचेंगा। 

यह भेजी गई रिपोर्ट 
एसडीएम द्वारा डीएम को जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें लिखा गया है कि विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में जो शिकायत की गई उसकी जांच तहसीलदार के माध्यम से नायब तहसीलदार द्वारा कराई गई। नायब तहसीलदार की जांच आख्या तहसीलदार ने आगे बढ़ाई। जिसमें उल्लेख किया है कि अभी तक हुई जांच में पाया गया है कि गाटा संख्या 38 राजकीय संपत्ति नहीं है। एसडीएम ने डीजीसी की आख्या एवं विभिन्न विभागों को जारी किए गए पत्रों का भी जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया है। उन्होंने लिखा है कि मामला न्यायालय में है। जिसमें पक्षकारों को नोटिस दिया जा चुका है। 

मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है 
एसडीएम सदर पंकज कुमार का कहना है कि अभी जांच विचाराधीन है और मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। जो भी अंतिम जांच रिपोर्ट होगी सदर विधायक के साथ-साथ उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। 

जांच रिपोर्ट शक के दायरे में, सीएम से फिर करुंगा शिकायत 
विधायक सदर देवेंद्र राजपूत ने कहा है कि यह जांच रिपोर्ट शक के दायरे में है। मेरे पास गाटा संख्या 38 के राजकीय संपत्ति होने के प्रमाण हैं। एसडीएम बताएं कि यदि यह राजकीय संपत्ति नहीं है तो किसकी संपत्ति है। मैं इस मामले को लेकर फिर मुख्यमंत्री से मिलेगा और इसकी शिकायत भी करूंगा।

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