Lok Sabha Election 2023: वोटर चेतना महाअभियान, जिला और मंडल कार्यशाला 24 और 26 अगस्त को, पहले वोटर पर BJP को भरोसा
कानपुर में पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर भाजपा को भरोसा।
कानपुर में वोटर चेतना महाअभियान जिला और मंडल कार्यशाला 24 और 26 अगस्त को है। वहीं, पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर भाजपा को भरोसा है।
कानपुर, [महेश शर्मा]। यूपी सभी 80 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए भाजपा ने यूथ के साथ ही नये वोटरों पर भरोसा जताया है। बीते चुनाव में यूथ का अधिकतर वोट भाजपा को ही मिला था। पार्टी की जीत सरकार गठन में इस मतदाता वर्ग का खासा योगदान रहा। लखनऊ में जिलाध्यक्षों की कार्यशाला में रणनीति को अंतिम रूप दिया गया और जिला व मंडल स्तरपर कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा गया है।

कानपुर उत्तर जिलाध्यक्ष सुनील बजाज के मुताबिक 24 अगस्त को जिलास्तर पर कार्यशाला होगी जिसमें नये वोटर और छूटे वोटरों को मतदाता सूची में शामिल कराने पर जोर दिया जाएगा। युवा वोटरों का एक बहुत बड़ा वर्ग भाजपा के लिए वोट करता रहा। नेतृत्व यह भली प्रकार से जानता है। बीते दो लोकसभा चुनाव इसका प्रमाण हैं। इस खास अभियान की मुख्य वजह ही युवाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ना है।
जानकारी के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनाव में दो करोड़ 31 लाख नया वोटर था जो पहली बार मतदान करने आगे आया। मोदी मैजिक का कमाल था कि 40 फीसदी से ज्यादा वोटरों ने भाजपा को वोट दिय था। यूपी में इनकी संख्या 38 लाख थी। 80 में से 73 सीटें जीतने में इसी वोटर की महती भूमिका कही जाती रही।
2024 में मताधिकार पाने वाले युवा वोटरों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने का अभियान इसीलिए चलाया जाएगा। छूटे वोटरों को जोड़ने का काम भी अभियान का हिस्सा है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह कार्य करेंगे। एक पदाधिकारी ने बताया कि 27 अगस्त को भाजपा बूथों पर वोटर लिस्ट के अवलोकन व सत्यापन का काम करेगी।
लखनऊ में जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की कार्यशाला का यही मकसद था। वोटर चेतना महाअभियान की पांच सदस्यीय समिति में संगठन मामले दिग्गज एमएलसी मानवेंद्र सिंह को भी रखा गया है। दूसरे दिग्गज कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश पाल सभी 10 लोकसभा सीटों पर बूथ माइक्रो मैनेजमेंट, नये वोटरों को मतदाता सूची में शामिल करने का काम कर रहे हैं।
मन की बात कार्यक्रम में प्रकाश पाल ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में सफल रहे हैं। जिलों के बाद विधानसभा क्षेत्रवार भी कार्यशाला आयोजित की जा सकती है। यह भी रणनीति का हिस्सा है।
एक नजर इधर भी
2019 में यूपी में 16.76 लाख पहली बार का मतदाता था।
पहला वोट मोदी के नाम अभियान का लाभ भाजपा को मिला
2022 में 15 करोड़ वोटर यूपी में था, 27.76 फीसद युवा था
19.89 वोटर ने किसी लोकसभा चुनाव में वोट नहीं दिया था
पार्टी के नेताओं का मानना है कि यह संख्या बढ़ गयी होगी
