Chitrakoot News : जांच टीम ने रोडवेज बस से बरामद की भारी मात्रा में मिठाई, दुकानदार ने बताया मिल्ककेक
चित्रकूट में जांच टीम ने रोडवेज बस से बरामद की भारी मात्रा में मिठाई।
चित्रकूट में जांच टीम ने रोडवेज बस से भारी मात्रा में मिठाई बरामद की। दुकानदार ने मिल्ककेक बताया। नमूना जांच को भेजा गया।
चित्रकूट, अमृत विचार। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रोडवेज बस से भारी मात्रा में मिठाई बरामद की है। संबंधित दुकानदार ने मिल्ककेक बताया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिठाई होने की आशंका में इसका नमूना प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि उनको सूचना मिली थी यहां मिलावटी मिठाई की भारी खेप बाहर से आती है और जिले और आसपास इसकी आपूर्ति होती है। शनिवार की सुबह लगभग साढ़े 11 बजे उन्होंने सूचना पर बेड़ी पुलिया स्थित बस अड्डे पर खड़ी वाराणसी से राठ जाने वाली रोडवेज बस की डिग्गी की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में डिब्बों में बंद मिठाई मिली।
इस संबंध में बस के चालक और परिचालक कुछ नहीं बता पाए। परिचालक के फोन करने पर वहां पहुंचे सुभाषनगर (मानिकपुर) निवासी अतुल गुप्ता पुत्र पन्ना लाल ने बताया कि यह मिठाई मिल्क केक है। उसने वाराणसी से मंगाई है और इसे खोही में दुकानदार को देना है। पंकज कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिपेंदर सिंह और झंकार सिंह ने मिठाई, जिसे अतुल मिल्ककेक बता रहा था, का नमूना भरा है।
इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। बताया कि बरामद 6 पैकेटों में मिले कथित मिल्ककेक की तौल 240 किग्रा है। पता चला है कि दो पैकेट ट्रैफिक चौराहे के पास भी उतारे गए हैं। यह जानकारी की जा रही है कि ये किसने उतारे हैं।
खोही और आसपास करता है आपूर्ति
अतुल ने जांच टीम को बताया कि वह मिठाई का यह कारोबार लगभग तीन साल से कर रहा है। मिठाई के डिब्बों पर मां वैष्णवनंदनी फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड एग्रो पार्क कलियन बनारस लिखा था। अतुल ने बताया कि वह बनारस से मिठाई मंगाकर खोही और अन्य जगहों पर मिठाई की दुकानों पर देता है।
140 रुपये की दर से खरीदा मिल्ककेक
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि पूछतांछ में अतुल ने बताया कि वह 140 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से यह मिठाई बनारस से खरीदता है। उसका कहना है कि यह मिल्ककेक है। वह बस परिचालक को डिब्बे लाने के लिए 1500 रुपये देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह आशंका है कि यह मिल्ककेक तो कतई नहीं है और लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
कर्वी में भी आपूर्ति की आशंका
अतुल ने बताया कि प्रयागराज में भी इस मिठाई के सब डीलर हैं। ये लोग बनारस से मिठाई लाते हैं और फिर कर्वी में भी इसको बेचते हैं। आशंका जताई जा रही है कि ऐसे में मुख्यालय और आसपास भी इसका कारोबार चल रहा है।
टीमों का किया जा रहा गठन- प्रजापति
सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड 2 चित्रकूट सीआर प्रजापति ने बताया कि वाराणसी की जिस फर्म से यह मिठाई लाने की बात कही जा रही है, वहां बात करने पर पता चला है कि वह बाकायदा रजिस्टर्ड है और डिब्बे में जो भी सामान है, उसके संबंध में डिब्बे के ऊपर लिखा है। हालांकि यह अंग्रेजी में है। वहां से यह भी बताया गया कि वह इस मिठाई को मिल्क केक कहकर नहीं बेचते। जो भी इंग्रेडियंट्स हैं, उनकी जानकारी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह हानिकारक और मिलावटी है कि नहीं। उन्होने यह भी बताया कि त्यौहारों के मद्देनजर 30 अगस्त तक मिलावटी सामान की जांच के लिए टीमों का गठन किया जा रहा है। किसी भी दशा में मिलावटी सामान बिकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अपील की कि लोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिलावटी पदार्थ न खाएं।
