ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ से जुड़े धनशोधन मामले में पांच करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ ऐप संचालित करने के आरोपी व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत पांच करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है।

केंद्रीय एजेंसी की जांच बेंगलुरु पुलिस की प्राथमिकी से उपजी है, जिसे शुरू में माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने ऑनलाइन जुआ, सट्टेबाजी और संदिग्ध अवैध गतिविधियों में कंपनियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए दर्ज किया था। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बयान में कहा कि धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी एक अस्थायी आदेश के तहत जब्त बैंक जमा का कुल मूल्य 5.87 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने कथित धोखाधड़ी वाले ऐप की पहचान बीस्टारटेक, खेलो24बेट और बेटिनएक्सचेंज के रूप में की थी। एजेंसी ने कहा कि जांच में पाया गया कि आरोपी श्यामला एन और उमर फारूक द्वारा अन्य व्यक्तियों के दस्तावेजों का उपयोग करके कई कंपनियां पंजीकृत की गईं। 

एजेंसी ने आरोप लगाया कि कंपनियों के एचआर (मानव संसाधन) प्रबंधक ने "अवैध रूप से" कई सिम कार्ड खरीदे और ऑनलाइन लेनदेन के लिए उन्हें बैंक खातों से जोड़ा। 

बयान में कहा गया है कि रॉकस्टार इंटरएक्टिव, इंडी वर्ल्ड स्टूडियो, फाल्कन एंटरटेनमेंट एजेंसीज, द नेक्स्ट लेवल टेक्नोलॉजी, रिफ्ट गेमर टेक्नोलॉजीज, रियलिटी कोड टेक्नोलॉजी, टेनेस सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रॉनिक वर्चुअल सॉल्यूशंस, ज़ाज़ागो सिस्टम्स, ज़िंगा इंटरएक्टिव, व्हेल बाइट्स टेक्नोलॉजी, लोबिटकोड इंटरएक्टिव एजेंसी, ओकुलस वाल्व एंटरटेनमेंट और नेस्ट्रा वेब सॉल्यूशंस जैसी समूह इकाइयां सट्टेबाजी और जुए के नाम पर जनता को धोखा देकर रकम एकत्र करने के इरादे से बनायी गई थी। 

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