हापुड़ में लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर दर्ज हो मुकदमा, Chitrakoot में अधिवक्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

हापुड़ में पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज करने के विरोध में चित्रकूट में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने हापुड़ डीएम और एसपी को हटाने की मांग की।

चित्रकूट, अमृत विचार। हापुड़ में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज करने की घटना से जिले के अधिवक्ताओं में भी जबर्दस्त आक्रोश है। हापुड़ के डीएम और एसपी को हटाए जाने और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किए गए। जिला मुख्यालय में आल इंडिया लायर्स यूनियन की जिला इकाई ने प्रदर्शन कर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। 

आल इंडिया लायर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी सदस्य रुद्र प्रसाद मिश्र एडवोकेट ने कहा कि सरकार खुद तानाशाह है इसलिए पुलिस अधिकारियों को नंगनाच करने के लिए छूट दे रखी है। हर विरोध में उठने वाली आवाज को दबाने के लिए पुलिस-प्रशासन को मौखिक निर्देश जारी कर दिए हैं और दमनकारी नीतियों के बल पर सत्ता में बने रहने का सपना सजा रखा है।

उन्होंने कहा कि हापुड़ में महिला अधिवक्ताओं को भी पीटा गया। कई पुरुष अधिवक्ता अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। अब अधिवक्ता आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। सरकार की हर मनमानी के खिलाफ अधिवक्ता सड़क पर उतरेगा। जिला अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष सत्यहरण यादव और सचिव मानसिंह ने भी सरकार पर अधिवक्ताविरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।

इसके पूर्व कचहरी परिसर से नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता तहसील परिसर पहुंचे, जहां जुलूस सभा में बदल गया। अधिवक्ताओं ने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए औररिपोर्ट दर्ज की जाए। वहां के एसपी और डीएम को भी हटाया जाए। कहा कि घायल अधिवक्ताओं को क्षतिपूर्ति दी जाए अन्यथा अधिवक्ता कामकाज बंद कर सड़कों पर उतरेगा। प्रदर्शन में कृष्ण कुमार सिंह, मनमोहन चतुर्वेदी,  त्रिभुवन सिंह, चंद्रमौलि मिश्र, शारदा यादव चुनकूराम पाल, चुनबाद,  रामकृष्ण,  अनुराग गुप्ता,  अनुराग सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। 

फिर उठी एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यहरन यादव ने कहा कि अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। महासचिव मान सिंह ने कहा कि हापुड़ में अधिवक्ताओं पर की गई लाठी चार्ज की जितनी निंदा की जाए, कम है। दोषियों के खिलाफ अतिशीघ्र विधिक कार्यवाही हो। एडवोकेट काउंसिल के जिला प्रभारी रामप्रकाश पांडेय ने कहा कि हापुड़ पुलिस का यह अमानवीय कृत्य निंदनीय है। सीएम द्वारा प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेकर जिम्मेदार दोषियों की सेवाएं समाप्त की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट अतिशीघ्र लागू कर देना चाहिए। आनंद मिश्रा ने कहा कि पुलिसकर्मियों का यह कृत्य बेहद शर्मसार करने वाला है। दोषी पुलिसकर्मियों की सेवाएं समाप्त होनी चाहिए तभी न्याय संभव है। बैठक में लक्ष्मण त्रिपाठी,  शिवशंकर उपाध्याय, देवशरण मिश्र, अनिल त्रिपाठी, रोहित सिंह, राजेश सिंह चौहान, सुरेंद्र पयासी, अरुण टाइगर, मनमोहन चतुर्वेदी, विकास निगम, नरेंद्र सिंह लल्ला, लक्ष्मण कुशवाहा, केके मिश्रा, त्रिभुवन सिंह यादव, आशीष यादव, धर्मराज सिंह पटेल, राजेंद्र पटेल, विराग, रामकृष्ण, शारदा प्रसाद सिंह, राजनारायण पांडेय, अनुजा श्रीवास्तव, दमयंती केसरवानी, निर्मला, दीपक मिश्रा, विकास निगम, कमलाकांत मिश्र, प्रद्युम्न नारायण मिश्र, विनीत कुमार, नीरू गुप्ता,  रावेंद्र त्रिपाठी, दिलीप गुप्ता, अशोक कुमार पंकज आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।

 

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