लखीमपुर-खीरी: अफसर योजनाएं बना रहे तमाम फिर भी नहीं रुक रहा कटान
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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिले में तहसील सदर समेत पांच तहसीलों में शारदा और घाघरा नदी कटान कर रही है। कटान प्रभावित क्षेत्र का धिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और कटान रोकने के लिए तमाम योजनाएं और दिशा निर्देश दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन की कोई रणनीति काम नहीं आ रही है।
गुरुवार को डीएम ने तहसील सदर के गांव जंगल नंबर 10 के मजरा धोबियाना पहुंचे और कटान की विभीषिका देखी और सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ कटान रोकने को लेकर मंथन किया।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह गुरुवार को थाना फूलबेहड़ के गांव जंगल नंबर 10 के मझरा धोबियाना पहुंचे। उनके साथ एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह के अलावा सिंचाई व बाढ़ खंड विभाग के कई अफसर भी थे। डीएम ने ग्रामीणों के साथ कटान की विभीषिका देखी। ग्रामीणों से भी जानकारी ली।
डीएम ने सिंचाई विभाग शारदा नगर के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह व बाढ़ खंड डिवीजन के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार के साथ कटान स्थल का निरीक्षण करने के बाद हर पहलू पर मंथन किया। निरीक्षण के दौरान नदी लूप बनाकर प्रवाहित होने की बात सामने आई। अधिशासी अभियंता ने डीएम को बताया कि यह फ्लड प्लेन जोन है, जहां नदी अपने प्राकृतिक स्वरूप में प्रवाहित हो रही है।
मानसून अवधि में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पूरे फ्लड जोन में नदी फैल कर बहती है, जिससे जलभराव होने से फ्लड फाइटिंग किया जाना असंभव है। इसलिए कोई बाढ़ व कटानरोधी कार्य किया जाना तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं है और न ही आने वाले समय के लिए प्रभावी होगा।
फ्लड प्लेन जोन में कोई बाढ़रोधी कार्य किया जाना शासनादेश में भी नहीं है। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कटान की विभीषिका को देखते हुए एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह को निर्देश दिए कि कटान प्रभावित क्षेत्र के समीप रहने वाले ग्रामीणों को सेफ जोन में रखा जाए। प्रभावित ग्रामीणों को सूचीबद्ध कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाए। उनकी सभी मूलभूत जरूरतों का भी ख्याल रखा जाए।
डीएम ने ग्रामीणों से कहा कि वह लोग सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो जाएं। प्रशासन हर संभव मदद करेगा। उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान नायब तहसीलदार अश्विनी कुमार, प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान यादव, सहायक अभियंता अंबकेश मिश्रा, बाढ़ खंड डिवीजन के अवर अभियंता धर्मेंद्र सिंह, सिंचाई खंड शारदा नगर के अवर अभियंता वैभव पाठक, शिव वर्मा सहित राजस्व एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
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