Farrukhabad: ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत, डॉक्टर व कर्मचारी मौके से हुए फरार, परिजनों ने जमकर किया हंगामा
फर्रुखाबाद में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत।
फर्रुखाबाद में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद डॉक्टर व कर्मचारी मौके से फरार हो गए। आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने शव रख कर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अनट्रेंड चिकित्सकों ने उसकी पत्नी का ऑपरेशन किया। जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान न कोई महिला डॉक्टर मौजूद रही और न ही नर्स। प्रसूता की मौत होते ही अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी फरार हो गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल में ताला लगा दिया।
कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव मन्गूलाल की बगिया निवासी सिकन्दर अपनी पत्नी लक्ष्मी(30) को प्रसव पीड़ा होने पर 31 अगस्त को कायमगंज लेकर आया। रास्ते मे उसे शिव बजरंग हॉस्पिटल पुल गालिब के डॉक्टर नीरज, डाक्टर अनुराग, डाक्टर मनोज दुबे, डाक्टर अंशुल शाक्य आदि मिल गये। सिकन्दर का कहना है कि इन लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी पत्नी लक्ष्मी का प्रसव वह बिना ऑपरेशन कम पैसे में करा देगें। वह इन लोगों की बात मान कर अपनी पत्नी को शिव बजरंग हॉस्पिटल ले गया। जहां प्रसूता को भर्ती कर लिया।
इसके बाद 25 हजार रुपये जमा करा लिए। वहीं, शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की बात कहकर दो बोतल खून चढ़ाने की बात कहीं। इस पर खून की बोतल के नाम पर 12 हजार रुपये और जमा करा लिए। इसके बाद प्रसूता का अनट्रेंड लोगों ने ऑपरेशन किया। जिससे उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद डॉक्टरों ने लोहिया अस्पताल ले जाने की बात कहकर अस्पताल से बाहर कर दिया।
अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी मौके से फरार हो गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने अस्पताल में ताला लगा दिया।पुलिस ने मृतका के पति को थाने चल कर तहरीर देने की बात कही।
मौत के सौदागरों के ऊपर पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग का हाथ
जिले में डेढ़ सैकड़ा से अधिक अमानक नर्सिंग होम चल रहे हैं। यह नर्सिंग होम स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के लिए कामधेनु साबित हो रहे है। इन अस्पतालों में अप्रशिक्षित लोगों की वजह से जितनी मौतें होती हैं, उतना ही सुविधा शुल्क उन पर बड़ा दिया जाता है। घटना की सूचना पाकर सीएमओ अस्पताल सीज कर देते हैं। इसके बाद वह मोटी रकम लेकर सीज खोल कर पुनः अमानक अस्पताल को चालू करवा देते है। पुलिस के लिए यह अमानक अस्पताल कमाई का जरिया बने हुए है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में इन मौत के सौदागरों का धंधा खूब फल फूल रहा है।
