Chitrakoot News: पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ा, नौकरी का झांसा देकर करते थे ठगी, ये सामान हुआ बरामद
चित्रकूट में पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ा।
चित्रकूट में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो कार, दो बाइक, आठ मोबाइल फोन और फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं।
चित्रकूट, अमृत विचार। पुलिस को एक अहम कामयाबी मिली है। फर्जी ट्रस्ट बनाकर युवाओं को नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने के आरोप में छह लोगों को दबोचा गया है। इनसे दो कार, दो बाइक, आठ मोबाइल फोन और फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि 10 जुलाई को कोतवाली कर्वी में सुशीला देवी पत्नी गिरधारीलाल निवासी कसहाई और अन्य लोगों ने सूचना दी थी कि हार्वड जागरूकता एजूकेशन ट्रस्ट के कर्मचारी विनय कुमार वर्मा पुत्र जयराम वर्मा निवासी चमरपुर थाना भदोजोज (बलरामपुर) ने झांसा देकर करोड़ों रुपये वसूले और भाग गया है।
इस पर उन्होंने मामले की विवेचना अपराध शाखा के निरीक्षक एमपी त्रिपाठी को दी और इसके जल्द से जल्द खुलासे के निर्देश दिए। विवेचक ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर शनिवार को चौरा मोड़ पहाड़ी से दो कारों पर सवार छह आरोपियों को फर्जी दस्तावेज आदि अन्य सामान के साथ पकड़ा। इनकी निशानदेही पर रेलवे स्टेशन से चोरी की दो बाइकें भी बरामद की गईं।
एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका सरगना प्रमोद गुप्ता पुत्र मोहन उर्फ नाहर गुप्ता निवासी मोइला हरपुर थाना कप्तानगंज (कुशीनगर) है, जो हार्वड जागरूकता एजूकेशनल ट्रस्ट नाम से संस्था चलाता है। इसकी चित्रकूट में दो शाखाएं हैं, जिनमें से एक अमानपुर कर्वी और दूसरी मऊ में है। इसने उनको यहां पिछले साल नवंबर में भेजा था। आरोपियों ने बताया कि रुपये लेकर 10 जुलाई को वे लोग अमानपुर वाले सेंटर के पास से दो बाइकें चुराकर भाग गये थे। इन्होंने पुलिस को बताया कि उनको फर्जी आईडी तथा फर्जी नाम के सिम और नये मोबाइल प्रमोद ने दिए थे।
एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रमोद गुप्ता और उसके दो साथियों की गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। आरोपियों ने मऊ जिले के थाना क्षेत्र मधुवन में माउंट एजूकेशनल सर्विस नामक संस्था बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम अमन जायसवाल पुत्र प्रेमचंद्र निवासी टोला कतरौन कुसमहा थाना रामकोला (कुशीनगर) (फर्जी नाम विनय वर्मा), राज गुप्ता पुत्र जगदंबा प्रसाद निवासी भटवा तिवारी थाना खामपार (देवरिया), प्रेमचंद्र जायसवाल पुत्र ठाकुर प्रसाद निवासी टोला कतरौन, मनोज कुमार जायसवाल पुत्र हरीशचंद्र निवासी राप्तीनगर थाना शाहपुर (गोरखपुर), उपेंद्रनाथ पांडेय पुत्र रामदास निवासी सहुला खुर्द थाना खजनी (गोरखपुर) (फर्जी नाम वीके सिंह) और गिरजेश गुप्ता पुत्र रामलखन निवासी देउरवा थाना कप्तानगंज कुशीनगर बताए गए हैं।
नौकरी देने का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार, आरोपी बेरोजगार युवाओं को होम ट्यूटर, फील्ड क्वार्डीनेटर, कंप्यूटर टीचर, ग्रीन प्लांट मैनेजर आदि पदों पर काम करने का लालच देते थे। ये इनसे सिक्योरिटी मनी व रजिस्ट्रेशन शुल्क आदि के नाम पर रुपये ले लेते थे। युवाओं को भ्रमित कर इनसे लगभग पांच करोड़ रुपये इकट्ठा कर लिए थे।
लूट के पैसों से प्लाटिंग कर रहा सरगना
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नौकरी का झांसा देकर वसूले रुपये वे लोग प्रमोद के बैंक खाते में डाल देते थे और भी इसी से रुपये निकालकर अपना खर्च चलाते थे। बताया कि अभी भी अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 10 लाख रुपये हैं। ठगी के धन से प्रमोद गोरखपुर में जमीन खरीद कर प्लाटिंग कर रहा है और नया मकान बनवा रहा है। बताया कि उसने उन लोगों को भी एक-एक प्लाट देने की बात कही थी।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक एमपी त्रिपाठी, श्याम प्रताप पटेल प्रभारी स्वाट टीम, एसआई पवन प्रधान, मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार द्विवेदी धर्मेंद्र कुमार, संदीप देव,शिवकरन, आरक्षी रोहित सिंह, रोशन सिंह, राघवेंद्र सिंह, आशीष कुमार, पवन राजपूत, ज्ञानेश मिश्रा, आरक्षी शुभम शर्मा और अमिक कुमार शामिल रहे।
