Kanpur: अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग में प्रदेश सरकार करेगी सहयोग, स्नातक पास छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण करने पर मिलेगा लाभ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग में प्रदेश सरकार करेगी सहयोग।

कानपुर में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग में प्रदेश सरकार सहयोग करेगी। स्नातक पास छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण करने पर लाभ मिलेगा।

कानपुर, अमृत विचार। युवाओं के कौशल को और निखारने के लिए प्रदेश सरकार भी सहयोग करेगी। स्नातक पास छात्र-छात्राओं को सरकारी व निजी संस्थानों, विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक इकाईयों में प्रशिक्षण के लिए शासन से आर्थिक मदद मिलेगी। इसके लिए जल्द ही बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के साथ शासन का करार हो सकता है। बोर्ड की ओर से इस संबंध में तैयारी शुरू हो गई है। 

बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग अब तक इंजीनियरिंग पास या फिर डिप्लोमा कर चुके युवाओं को विभिन्न कंपनियों और सरकारी व निजी संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाती आई है। इसकी अवधि एक वर्ष की है, जिसमें युवाओं को हर महीने निर्धारित मानदेय भी मिलता रहा है। मानदेय में आधी हिस्सेदारी बोर्ड और आधी कंपनी की रहती है।

नई शिक्षा नीति के गठन के बाद से इंजीनियरिंग के अलावा बीए, बीकॉम, बीएससी समेत स्नातक के अन्य विषयों को शामिल किया गया। देश भर में अधिक से अधिक छात्र प्रशिक्षित हो सकें और उनके व्यक्तित्व में निखार आए्र, इसको देखते हुए बोर्ड के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य बढ़ा दिया गया।

सूत्र बताते हैं कि बोर्ड के उत्तरी क्षेत्र को शासन की ओर से अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए जल्द ही आर्थिक सहयोग मिल सकता है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो प्रदेश के युवाओं के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। निदेशक एसके मेहता के अनुसार अभी शासन से बातचीत चल रही है। जल्द ही कुछ बेहतर हो सकता है।  

मेधा नहीं कर सकेगी पलायन 

इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्र अच्छी नौकरी के चक्कर में दिल्ली एनसीआर या फिर बेंगलुरु निकल जाते हैं। वहां उनको पहले ही वर्ष से ठीक ठाक वेतन मिलने लगता है। आगे चलकर छात्र-छात्राएं वहीं रुक जाते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से प्रशिक्षण में आर्थिक सहयोग मिलने पर प्रदेश की मेधा का पलायन नहीं हो सकेगा। 

संस्थानों में बढ़ेगा मानव संसाधन 

प्रदेश के कई सरकारी संस्थानों में स्टाफ का संकट बना हुआ है। संविदा पर कर्मचारियों की तैनाती हो रही है। इसके बावजूद जरूरत अधिक स्टाफ की है। अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के माध्यम से सरकारी संस्थानों में योग्य मानव संसाधन बढ़ सकेगा, जबकि युवाओं को पढ़ाई के बाद प्रदेश में ही प्रशिक्षण व मानदेय मिल जाएगा।

संबंधित समाचार