Auraiya News: अवर अभियंता पर लगा 30 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, डीएम ने मामले में बैठाई जांच
औरैया में अवर अभियंता पर लगा 30 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप।
औरैया में अवर अभियंता पर 30 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा। डीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई किये जाने की बात कही है।
औरैया, अमृत विचार। शहर के लघु सिंचाई विभाग के दो अवर अभियंताओं द्वारा मिलकर करीब 30 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगाया है। पोल खुलने की जानकारी होते ही अवर अभियंताओं की ओर से स्थानांतरण करा लिया गया। अवर अभियंता की ओर से किये गये भ्रष्टाचार की जांच कराये जाने के लिए शहर के होमगंज निवासी एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। डीएम ने टीम गठित कर जांच कराये जाने की बात कही है।
शहर के होमगंज निवासी राजेंद्र कुमार पुत्र जगदीश नारायन ने बताया कि राजकुमार सहायक अभियंता ने अपने रिश्तेदार की फर्म हनुमंत ट्रेर्ड का लोकल पता दर्शाया गया है। इसी प्रकार मैमर्स मारुति इंटर प्राइजेज भी राजकुमार की फर्म के द्वारा करोड़ों रुपये निकाला गया है। आरोप है कि अवर अभियंता लघु सिंचाई राजीव कुमार शाक्य अपनी फर्म मैमर्स हर्ष इंटर प्राइजेज एवं तथागत इंटर प्राइजेज फर्म खुलवाकर पाइप का भुगतान कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया।
आरोप है कि औरैया में निशुल्क बोरिंग का 15 हजार बोरिंग का लक्ष्य जो दस प्रतिशत भी क्षेत्र में नहीं है। गहरी बोरिंग तथा मध्यम गहरी बोरिंग का भुगतान कर रुपये निकाल लिये गये। ठोक बोरिंग पीजी नहीं लगी है, मीरा इंटर प्राइजेज को छह करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान सहायक अभियंता द्वारा कराया गया। गहरी बोरिंग व मध्यम गहरी बोरिंग 30 प्रतिशत पुरानी बोरिंग जो कि एक-दो वर्ष पहले की है।
प्राइवेट कृषक ने कराई थी, वह निकाली गई है। स्टोर में पाइप अभी भी रखा है। डीएम नेहा प्रकाश ने बताया कि फिलहाल मामले की जानकारी नहीं है। जांच टीम गठित कर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी बिल बनाकर कराया गया भुगतान
लघु सिंचाई विभाग में हुए घोटाले की भनक लगते ही अवर अभियंताओं की ओर से गैर जनपद स्थानांतरण करा लिया गया। बिना बोरिंग कराये फर्जी बिल बना लिये गये और उच्चाधिकारियों को गुमराह किया गया। अगर निष्पक्ष जांच कराई गई तो इस मामले में कई अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
