हल्द्वानी: सड़कों पर गड्ढे बने खतरा, विभाग को मानसून जाने का इंतजार 

हल्द्वानी: सड़कों पर गड्ढे बने खतरा, विभाग को मानसून जाने का इंतजार 

हल्द्वानी, अमृत विचार। बरसात के सीजन में शहर समेत राज्य मार्ग की सड़कों से डामर उधड़ गई है, इससे सड़कों पर डामर कम गड्ढे् अधिक नजर आ रहे हैं। बारिश में ये गड्ढे लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। लोग कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गड्ढे भरने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन विभाग मानसून के बारिश थमने के बाद ही मरम्मत की बात कह रहा है। 

 इस मानसून सत्र में मूसलाधार बारिश से सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर आंतरिक सड़कें बदहाल हो गई हैं। सड़क पर कहीं गहरे गड्ढे हो चुके हैं तो कहीं डामर ही बह चुका है। सड़कों पर हुए गड्ढे दोपहिया व तिपहिया चालकों व सवारियों के लिए खतरा बने हुए हैं।

सबसे अधिक बुरा हाल हल्द्वानी-कठघरिया एनएच का है। इस सड़क पर कुसुमखेड़ा. ऊंचापुल, ब्लॉक तथा कठघरिया चौराहे पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से वाहन चालकों तथा राहगीरों को भरी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग 15 सितंबर का इंतजार कर रहा है।

सड़कें खस्ताहाल होने से लोगों के वाहन भी खराब हो रहे हैं। रात के समय सड़क पर गड्डे न दिखने से कई वाहन चालक घायल हो चुके हैं। इधर ठेकेदारों की भी लापरवाही सामने आ रही है, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी जब नई सड़क पर डामरीकरण कराते हैं तो उस वक्त ठेकेदार से अनुबंध कराते हैं कि सड़क निर्माण के 2 साल तक सड़क की मरम्मत व रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा आमजनता को भुगतना पड़ रहा है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि सड़कों के मरम्मत के लिए निविदा प्रस्तावित है। मौसम ठीक होने पर 15 सितंबर के बाद ही कार्य शुरू हो पाएगा।  

सड़क के गड्ढे लोगों के लिए किसी दर्द से कम नहीं 
नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड, मंडी बाईपास की सड़कें वर्तमान में खस्ताहाल हो चुकी हैं। सिंधी चौराहा से तिकोनिया तक 1.3 किलोमीटर दाएं लेन वाली सड़क पर सैकड़ों गड्ढे हैं। वहीं कालाढूंगी चौराहे से ब्लॉक कार्यालय तक 4.9 किमी सड़क भी गड्ढों से पटी हुई है। कई जगह तो 40 मीटर से अधिक सड़क पर गड्ढे लोगों के लिए जानलेवा बने हुए हैं। जबकि रामपुर रोड से रुद्रपुर, दिल्ली व रामपुर आने-जाने वाले हजारों वाहन गुजरते हैं। सिंधी चौराहा से गन्ना सेंटर तक 8.6 किमी सड़क पर सैकड़ों गड्डे खतरा बने हुए हैं। 

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