Kanpur: बुखार से टूट रहा शरीर, मुंह का स्वाद गया, कोरोना जैसे लक्षण बता रहे लोग, हैलट, उर्सला अस्पताल में भीड़
कानपुर के हैलट व उर्सला अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के मरीजों की भीड़ लग रही।
कानपुर के हैलट व उर्सला अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के मरीजों की भीड़ लग रही। लोग कोरोना जैसे लक्षण बता रहे है।
कानपुर, अमृत विचार। बरसात के बाद वायरल बुखार का स्वरूप और घातक हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इससे ग्रस्त हो रहे हैं। बुखार की वजह से पूरे शरीर में दर्द के साथ ही लोगों के गले में संक्रमण भी हो रहा है, जिसके कारण उनको खाने में स्वाद नहीं मिल रहा है। इसके अलावा प्लेटलेट्स कम होने से मरीज को कमजोरी हो रही है।
बरसात के मौसम में वायरल व बैक्टीरिया और अधिक हावी हो गए हैं, जिसकी गिरफ्त में बच्चे, युवा, महिला व बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग आ रहे हैं। हैलट, उर्सला, केपीएम व कांशीराम संयुक्त अस्पताल में मरीजों का तांता लग रहा है।
अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों में वायरल व मौसमी बुखार, जुकाम, गले में दर्द, खराश, सिर व पेट में दर्द, उल्टी-दस्त, चक्कर, जोड़ों व हड्डियों में दर्द आदि से अधिक पीड़ित हैं।
इसके अलावा डेंगू व मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों की भी संख्या अधिक हो रही है। वायरल बुखार व डेंगू के मिलते-जुलते लक्षण की वजह से डॉक्टर भी असमंजस में हैं क्योंकि यह लक्षण कोरोना में भी सामने आए थे। डॉक्टर मरीजों को बारिश में न भीगने, विशेष सावधानी बरतने, मच्छरदानी का प्रयोग करने व खानपान दुरुस्त रखने आदि सलाह भी दे रहें हैं।
बुधवार को हैलट अस्पताल में करीब पांच सौ मरीज में से तीन सौ मरीज, उर्सला में साढ़े तीन सौ में से दो सौ मरीज, कांशीराम में तीन सौ मरीज में से 150 मरीज व केपीएम में 150 मरीज में से 80 मरीज बुखार से ग्रस्त पहुंचे। हैलट अस्पताल की मेडिसिन इमरजेंसी बुधवार को 52 मरीज भर्ती किए गए। जबकि उर्सला में 21 मरीज भर्ती हुए, जिनमें दो डेंगू के लक्षण वाले शामिल हैं।
बोले मरीज….
गोविंद नगर के सुरजीत सिंह ने बताया कि मां के शरीर में करीब एक सप्ताह से दर्द हो रहा था। मेडिकल स्टोर से दवा लाए लेकिन आराम नहीं मिला। उसके बाद उनको तेज बुखार व जोड़ों में दर्द होने लगा, जिससे उनको चलने में दिक्कत होने लगी।
नौबस्ता निवासी सूरज ने बताया कि बेटे को पहले बुखार आया, उसके बाद उसके पेट में दर्द व उल्टी होने लगी। पास में डॉक्टर को दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला। तब हैलट अस्पताल में दिखाने आए, जहां वायरल बुखार की जानकारी हुई।
फतेहपुर निवासी अफसरी बानो ने बताया कि बहू को बुखार आने के बाद उसका सिर चकराने लगा। कुछ भी खाने पर उसको उल्टी होने से कमजोरी हो गई। हैलट में जांच कराने पर टाइफाइड निकला और प्लेटलेट्स भी कम मिली।
कानपुर देहात के महेंद्र ने बताया कि पत्नी को करीब एक सप्ताह से बुखार व शरीर में तेज दर्द है। ठीक न होने पर उसे बुधवार को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर डॉक्टरों ने ब्लड, डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड आदि जांच लिखी है।
बोले डॉक्टर…
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो. जेएस कुशवाहा ने बताया कि इस समय वायरल बुखार के साथ ही डेंगू के लक्षण वाले केस अधिक आ रहे हैं। बुधवार को सुबह लेकर शाम तक 52 भर्ती किए गए हैं। खास बात यह है कि यह बुखार लोगों को एक सप्ताह व उससे अधिक तक परेशान कर रहा है। उर्सला अस्पताल के डॉ.शैलेंद्र ने बताया कि ओपीडी में इस समय वायरल बुखार व डेंगू के लक्षण वाले केस अधिक आ रहे हैं। इसलिए डेंगू के मरीजों के लिए उर्सला में डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां पर भर्ती दो मरीजों का इलाज किया जा रहा हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को सावधानी बरतने को बोला जा रहा है।
