Kanpur: हैलो डॉक्टर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिका अग्रवाल बोली- बच्चा जिद करे तो मोबाइल की जगह टीवी दिखाएं
अमृत विचार के कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिका अग्रवाल ने लोगों के सवालों के जवाब दिए।
हैलो डॉक्टर अमृत विचार के कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिका अग्रवाल ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि बच्चा जिद करे तो मोबाइल की जगह टीवी दिखाएं।
कानपुर, अमृत विचार। आज कल बच्चे मोबाइल के बिना नहीं रहते। खाना खाते समय भी मोबाइल देखते रहते हैं। 7 साल तक का बच्चा अगर लगातार मोबाइल देख रहा है तो यह चिंता की बात है। क्योंकि इस समय तक बच्चों की आंख की रोशनी बनती है। अगर बच्चा बहुत जिद करे तो मोबाइल की जगह उसे टीवी पर कार्टून या उसके पसंद की चीज दिखाएं।
यह बातें मंगलवार को अमृत विचार हैलो डॉक्टर में रामा मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचिका अग्रवाल ने एक पैरेंट्स को बताई। इस दौरान आंखों से जुड़ी समस्याएं पूछने के लिए कई लोगों के फोन पहुंचे। पढ़िए सवाल और डॉक्टर की सलाह…
- आंखे लाल हो जाती हैं, पानी भी गिरता है, खुजली शुरू हो जाती है। - आर्यन शुक्ला, मंधना
यह एलर्जी के लक्षण हैं। ठंडे पानी से आंखों की सिकाई करें। हवा में जाने से पहले धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें। आंखों की एक बार जांच जरूर करा लें।
- सात घंटे सोते हैं, लेकिन फिर भी दिनभर नींद सी रहती है। - प्रतीक चौहान, नारामऊ
यह ड्राई आई (सूखापन) के लक्षण हैं। नजर की जांच करा लें कई, धूप और धूल से बचाव रखें। अगर फिर भी दिक्कत हो तो आंखों की पूरी जांच कराएं।
- आंखें लाल हो जाती हैं। चश्मा न लगाओं तो समस्या और बढ़ जाती है। - संदीप शुक्ला, पनकी
40 के बाद बीपी, शुगर की समस्या शुरू हो जाती है। यदि लगातार बीपी की दवाओं का सेवन करें तो इसका आंखों पर असर पड़ता है। आंखों को प्रोटेक्ट कर रखें।
मैं चश्मा लगाती हूं फिर भी सिर में दर्द और आंखों में लालपन रहता है। - श्रृद्धा त्रिपाठी, मंधना
यह एलर्जी के लक्षण हैं। ठंडे पानी से आंखों को धोएं, और फिर भी यदि दिक्कत हो तो एक बार दिखा लें।
- मेरा बेटा फोन बहुत चलाता है, आंखों में उसके पानी आने लगा है। - प्रीती त्रिपाठी
बच्चों को फोन तो माता पिता ही देते हैं, उनकी आदत बिगड़ती है तो यह समस्या बन जाती है। लगातार मोबाइल का प्रयोग करने से बच्चों में मोतियांबिंद भी हो जाता है।
- आंख लाल रहती है। आंख फड़कने की समस्या भी है। छह महीने से परेशान हूं। अशोक, लाल बंग्ला
आंख फड़कने के कई कारण हो सकते हैं। कंप्यूटर पर काम करने से आंखों पर प्रेशर बढ़ता है। चश्मे का नंबर बदलने से भी आंख लाल होने लगती हैं। सिर में दर्द आंखों में सूखापन की वजह से आता है।
- आंखों का नंबर लगातार बढ़ रहा है। छह महींने में दो बार नंबर बढ़ गया। सिर में दर्द रहता है। - विवेक कुमार, अकबरपुर
चश्मा लगाने में आप गैप करेंगे तो यह समस्या रहेगी। इसमें कोई मेडिसिन काम नहीं आएगी। आपको लगातार चश्मा लगाना ही होगा। समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
- मैं कंप्यूटर पर 5-6 घंटे रोजाना काम करता हूं। जिससे आंखों में भारीपन होता है। - सुमित श्रीवास्तव, दामोदर नगर
देखिए एक 20-20 रूल होता है। कंप्यूटर पर काम करते समय हर आधे घंटे में 20 सेकंड का ब्रेक जरूर लेना चाहिए। आंखें नहीं झपकने से सूखापन की समस्या हो जाती है।
- मैं रात की ड्यूटी करता हूं। नींद कई बार पूरी नहीं होती। आंखों में अब पानी गिरने लगा है। - जीशान खान, मंगला बिहार
सब कुछ नींद पर निर्भर है। आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है। इसकी वजह से आंखों से पानी गिर रहा है। यह इंफेक्शन भी हो सकता है। दिखा लें।
दाहिनी आंख में दिक्कत है। डॉक्टर को दिखाया तो बताया कि यह नाखूना है क्या करें। - मंगू शुक्ला, चौबेपुर
नाखूना का ऑपरेशन कराना ही पड़ता है। इसकी वजह से आंखों में सूखापन रहता है।
इन्होंने भी किए फोन:
सुशील तिवारी चौबेपुर, संजय श्याम नगर, अशोक लाल बंगला, रमेश रामादेवी, विनीत कुमार, मंधना, अजय सक्सेना गोविंद नगर, अंजली शर्मा शुक्लागंज, अमर कुमार चित्रकूट आदि।
