Kanpur Dehat: जिला अस्पताल में ढाई करोड़ की हेराफेरी, जांच टीम ने खंगाले दस्तावेज, डॉक्टर व कर्मी से पूछताछ शुरू

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर देहात के जिला अस्पताल में ढाई करोड़ की हेराफेरी का मामला सामने आया।

कानपुर देहात के जिला अस्पताल में ढाई करोड़ की हेराफेरी का मामला सामने आया। वहीं, जांच टीम ने दस्तावेज खंगाले।


कानपुर देहात, अमृत विचार। जिला अस्पताल अकबरपुर में ढाई करोड़ रुपये के सामान खरीद में वित्तीय अनियमित्ता के मामले में कमेटी ने जांच आगे बढ़ाई है। एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता वाली कमेटी ने नियमानुसार खरीद से संबंधित दस्तावेज खंगाले हैं। साथ ही जैम से खरीदारी पर भी सत्यापन टीम के डॉक्टर व कर्मियों से पूछताछ शुरू की है।

बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जिला अस्पताल में करीब ढाई करोड़ रुपये के बजट को खत्म करने के लिए तमाम सामग्री खरीद की गई। इसमें डस्टबिन, ट्राली, कुर्सी, मरीजों को लिटाने वाली टेबल, बीपी मशीन शामिल थीं। जेम पोर्टल के नाम पर चल रहे खेल में अपने चहेतों और रिश्तेदारों की फर्मों का चयन कर बाजार से कई गुना अधिक की कीमतों पर सामान खरीद की गई।

बीपी चेक करने का जो उपकरण बाजार में 700 से 800 रुपये में उपलब्ध था। उसे चहेती फर्म के जरिए पांच हजार रुपये में खरीदा गया। खराब सामग्री को ऊंचे दामों में क्रय किए जाने में कमीशन खोरी की बात सामने आ रही है। मार्च के महीने में भुगतान के लिए सीएमएस की ओर से इसकी गुणवत्ता और मात्रा जांचने के लिए एसएमओ स्टोर डॉ. मनोज कुमार निगम व चीफ फार्मासिस्ट देवेंद्र सिंह सचान की टीम बनाकर सत्यापन के निर्देश दिए थे।

इसमें टीम ने लखनऊ आप्टीकल एंड सर्जिकल फर्म द्वारा आपूर्ति की गई सामग्री को मानक विहीन बताकर सीएमएस को रिपोर्ट भेजी थी। लेकिन रिपोर्ट की अनदेखी करके सीएमएस डॉ. खालिद रिजवान ने फर्म को पूरी धनराशि का भुगतान कर दिया। तीन महीने में ही सामग्री के क्षतिग्रस्त होने के बाद कमीशन खोरी उजागर होने लगी।

जिसको संज्ञान में लेकर पूर्व डीएम नेहा जैन ने पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक अमित कुमार राठौर की अध्यक्षता में डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा व ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार संतोषी की समिति गठित कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। मामले में जांच कमेटी ने नियमानुसार सामान खरीद के दस्तावेज कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू की है। वहीं पूर्व में गुणवत्ता सत्यापन टीम में शामिल डॉ. मनोज निगम व जैम पोर्टल पर काम करने वाले जिला अस्पताल के कर्मचारियों से भी पूछताछ शुरू की गई है।

संबंधित समाचार