Etawah News: सपा सांसद रामगोपाल यादव बोले- महिला आरक्षण मोदी सरकार का चुनावी स्टंट
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव इटावा पहुंचें।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव इटावा पहुंचें। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण मोदी सरकार का चुनावी स्टंट। बहुमत का दुरुपयोग कर काले कानून पास सरकार करवा रही है।
इटावा, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव महिला आरक्षण बिल को मोदी सरकार का मात्र चुनावी स्टंट ठहराया है। उन्होंने कहा है कि 2024 तक इसको लागू करा पाना मोदी सरकार के लिए किसी भी तरह संभव नहीं है। अभी तक 2021 की जनगणना ही नहीं हुई है। न ही 2029 से पहले देश में लोकसभा और विधान सभाओं का परिसीमन होना संभव है।
उन्होंने कहा कि हमारा इंडिया गठबंधन 2024 में सत्ता में आने के बाद सभी बाधाओं को दूर करके न केवल महिला आरक्षण को लागू करेगा बल्कि ओबीसी और एससी आरक्षण भी इस आरक्षण में सुनिश्चित होगा। रामगोपाल यादव सोमवार को सैफई के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 68 वें युवक समारोह के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार संसद में अपने बहुमत का दुरुपयोग कर रही है। अध्यादेशों, बिलों और विधेयकों के जरिए काले कानूनो को पास करवा रही है। साथ ही देश की न्याय व्यवस्था को भी बलाये ताक रख दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे के अनुसार ही संविधान को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सैफई में बने अत्याधुनिक स्टेडियमों को बर्बादी की ओर धकेलने में जुटी है।
ये स्टेडियम मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकार ने देश और प्रदेश में खेलों के उत्थान तथा खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर उभारने के लिए निर्मित कराए थे। हालत यह है कि सैफई के स्पोर्ट्स कॉलेज में पिछले सात, आठ वर्षों से प्रिंसिपल तक की नियुक्ति भी इस सरकार ने नहीं की है। उन्होंने कहा कि काशी और अन्य स्थानों पर सरकार स्टेडियम बनाने में जुटी है, मगर बने बनाए स्टेडियमों के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
इस वजह से इस मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में भी पिछले 8 वर्षों से न तो पुताई सफाई हुई है। यहां के उपकरण और ट्रैक जंग और घास से बर्बाद हो रहे हैं। हिंदू विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद यादव की जमकर प्रशंसा की। कहा कि उन्होंने अपने अनुशासित और खिलाड़ी जीवन से प्रेरणा लेते हुए ही इतने बड़े आयोजन को अपने कंधों पर उठाया है।
