लाचारी : हरदोई में बेटी को भर्ती कराने के लिए सारे दिन भटकते रहे मां-बाप

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई, अमृत विचार। प्लेटलेट्स डाउन और मलेरिया पाज़िटिव मुस्कान के मां-बाप उसे भर्ती कराने के लिए सारा दिन 100 बेड हास्पिटल में भटकते रहे। उन्हें बताया गया कि कोई बेड खाली नहीं है। इसके बाद जब सीएमओ ऑफिस के कुछ लोगों ने दबाव बनाया,तब कहीं उस बच्ची को भर्ती किया गया।

दरअसल मामला कोतवाली देहात के मंगोलापुर का है। यहाँ के राजू की 8 वर्षीय पुत्री मुस्कान तेज़ बुखार से तप रही थी। उसे 100 बेड हास्पिटल में दिखाया गया, जहां डा.प्रतीक नलवा ने उसे देखा और बाहर की दवाई लिखी साथ ही जांच कराने को कहा। राजू का कहना है कि उसने 800 रुपये की दवा खरीदी,बाहर से ही जांच कराई। मुस्कान की ब्लड जांच रिपोर्ट में मलेरिया पाज़िटिव आया,उसकी प्लेटलेट्स भी काफी डाउन थी। गुरुवार को राजू और उसकी पत्नी मुस्कान को भर्ती कराने पहुंचे। जहां डा.नलवा ने बेड खाली नहीं है,कह कर उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। राजू के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी बेटी को किसी निजी हास्पिटल में ले जाता,लिहाज़ा उसने बेटी को भर्ती कराने के लिए हाथ तक जोड़े, लेकिन फिर भी डाक्टर को तरस नही आया। 

राजू और उसकी बेटी के बारे में सीएमओ ऑफिस के कुछ लोगों को पता चला,वे सभी उसे ले कर 100 बेड हास्पिटल में अंदर दाखिल हो गए। उन लोगों के दबाव के चलते मुस्कान को भर्ती कर उसका इलाज शुरू हो सका। इस बारे में लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में किसी ऐरे-गैरे को अपना इलाज कराना टेढ़ी-खीर है, वहां उन्ही की सुनी जाती है, जो रसूखदार लोग होते हैं।

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