खैरात में नहीं लंबे संघर्ष के बाद मिला राम मंदिर, अयोध्या में बोले अनुपम खेर

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Edited By Amrit Vichar
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बोले, फिल्म अभिनेता- सनातन सिखाता है कि धैर्य में है बहुत ताकत,

हनुमान जी के 21 मंदिरों व उनके महत्व पर आधारित एक लघु फिल्म लॉन्च की

अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर खैरात में नहीं लंबे संघर्ष के बाद मिला है। इसके लिए कई मुकदमें लड़ने पड़े। ये बातें शुक्रवार देर शाम रामलला देवस्थानम पहुंचे मशहूर फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहीं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सिखाता है कि धैर्य में बहुत ताकत है। मैं आज पहली बार अयोध्या आया हूं। यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। इससे पूर्व उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर के समीप स्थित रामलला देवस्थानम में भगवान की आरती उतारी। उसके बाद हनुमान जी के 21 मंदिरों व उनके महत्व पर आधारित लगभग चार मिनट की लघु फिल्म लॉन्च की।

उन्होंने कहा कि इस लघु फिल्म को प्रदर्शित करने के पीछे हमारी मंशा है की प्रमुख मंदिरों का लोगों ने नाम तो सुना है लेकिन उसके महत्व व इतिहास को अच्छी तरह से नहीं जानते हैं। वर्तमान समय में लोग अधिक अवधि की फिल्में भी देखना पसंद नहीं करते हैं। इसलिए इस लघु फिल्म के माध्यम से हम मंदिरों को लेकर की गई खोज को देश और दुनिया के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।

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अनुपम खेर ने बताया कि मेरी मित्र प्रिया ने 1008 मंदिरों में प्रार्थना की है। आध्यात्म के नजरिए से उनकी जानकारी जुटाई है। करीब आठ महीने पहले एक मुलाकत में मैंने उनसे कहा था कि ये ज्ञान लोगों तक पहुंचना जरूरी है। आज अयोध्या से हमने इस श्रृंखला की शुरुआत की है। अभी हम हनुमानगढ़ी समेत हनुमान जी के 21 मंदिर जो दुनिया के अलग-अलग भागों में है उनके महत्व के बारे में लोगों को इस फिल्म के माध्यम से बता रहे हैं। यह श्रृंखला यही नहीं रुकेगी। हम आगे भी और देवी-देवताओं पर भी यह श्रृंखला जारी रखेंगे। जिसमें मंदिर के इतिहास और उसके महत्व के बारे में बताएंगे। इसके बाद हम शिवजी, भगवान राम और सीता के ऊपर भी लघु फिल्म बनाएंगे। इस दौरान जगतगुरु राघवाचार्य महाराज सहित अयोध्या के कई साधु-संत मौजूद रहे। 

सवाल बताते हैं कि कश्मीर फाइल ने अपना काम किया 

मशहूर फिल्म कश्मीर फाइल पर किए गए सवाल को लेकर अनुपम खेर ने कहा कि पत्रकारों के सवाल बताते हैं कि कश्मीर फाइल ने अपना काम कर दिया है। मेरा इतना लंबा फिल्मी कॅरिअर रहा। बहुत बार पत्रकारों से सामना हुआ, लेकिन कभी किसी ने कश्मीर पर मुझे कोई सवाल नहीं किया। इस फिल्म के बनने के बाद हर जगह पत्रकार कश्मीर को लेकर सवाल करते हैं। कश्मीर में रहने वाले हिंदुओं पर होने वाली प्रताड़ना पर बात करते हैं। अनुच्छेद 370 हटाने पर बात करते हैं। लाल चौक पर कभी तिरंगा नहीं लहराया गया। हर घर तिरंगा अभियान में कश्मीर के हर घर में तिरंगा लहराया, यह एक बड़ा परिवर्तन है।

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